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गढ़चिरौली और अबूझमाड़ के बाद अब उदंती एरिया कमेटी के माओवादी नेता ने लिखा पत्र, करना चाहते हैं सरेंडर

गढ़चिरौली और अबूझमाड़ में पिछले दिनों कई संगठनों के माओवादी नेताओं ने अपने साथियों के साथ सरेंडर कर दिया है। इसके बाद उदंती एरिया कमेटी के नेता सुनील ...और पढ़ें

By Animesh PaulEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Sat, 18 Oct 2025 01:14:15 PM (IST)Updated Date: Sat, 18 Oct 2025 01:19:49 PM (IST)
गढ़चिरौली और अबूझमाड़ के बाद अब उदंती एरिया कमेटी के माओवादी नेता ने लिखा पत्र, करना चाहते हैं सरेंडर
उदंती एरिया कमेटी के माओवादी नेता ने लिखा पत्र

HighLights

  1. उदंती एरिया कमेटी के माओवादी ने लिखा पत्र
  2. हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील
  3. माओवादी सुनिल ने सरेंडर की इच्छा जाहिर की

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सक्रिय उदंती एरिया कमेटी ने एक ऐतिहासिक पत्र जारी कर सभी माओवादी इकाइयों से सशस्त्र आंदोलन को विराम देकर आत्मसमर्पण करने की अपील की है। इस अपील के बाद माओवादी आंदोलन को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि 16 अक्टूबर को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में सोनू दादा (मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति) ने 61 साथियों समेत और 17 अक्टूबर को बस्तर के माड़ क्षेत्र में रूपेश दादा (उर्फ सतीश) ने 210 माओवादियों के साथ हथियार डाल दिए। कुल 271 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया है।

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उदंती एरिया कमेटी के सुनील ने अपने पत्र में कहा, "सुरक्षा बलों का बढ़ता दबाव और बदलती परिस्थितियों ने सशस्त्र आंदोलन को मुश्किल बना दिया है। केंद्रीय समिति की रणनीतिक चूक के कारण हमें यह कदम उठाना पड़ रहा है। सभी माओवादी साथी हिंसा छोड़कर जनांदोलनों के जरिए जनता की समस्याओं का समाधान करें।" उन्होंने गोबरा, सीनापाली, एसडीके और सीतानदी यूनिट्स से गरियाबंद में आत्मसमर्पण करने का आह्वान किया और जनता से अनुरोध किया कि यह संदेश अन्य माओवादी साथियों तक पहुंचाया जाए। संपर्क के लिए नंबर (9329913220) साझा किया गया है।


सोनू दादा, जो सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति के वरिष्ठ सदस्य थे और जिन पर पांच राज्यों में 6 करोड़ रुपये का इनाम था, ने गढ़चिरौली के फोडेवाड़ा गांव में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में आत्मसमर्पण किया। उन्होंने एक बुकलेट में कहा, "वर्तमान परिस्थितियां सशस्त्र संघर्ष के लिए अनुकूल नहीं हैं। हमें लोकतांत्रिक तरीकों से जनता के हित में काम करना होगा।"

वहीं, बस्तर के जगदलपुर में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की मौजूदगी में रूपेश दादा ने 210 माओवादियों के साथ 153 हथियार (19 एके-47, 17 एसएलआर, 23 इंसास राइफलें) सौंपे। रूपेश, जो संगठन के प्रवक्ता और उत्तर-पश्चिम उप-क्षेत्रीय प्रभारी थे, ने कहा, "सामूहिक बहस और आत्म-आलोचना के बाद हमने हिंसा छोड़ने का फैसला लिया।" आत्मसमर्पण करने वालों में 110 महिलाएं और 98 पुरुष शामिल हैं, जिनमें दंडकारण्य विशेष जोनल कमेटी के चार सदस्य (भास्कर उर्फ राजमन मंडावी, रनिता, राजू सलाम, धन्नू वेट्टी उर्फ संतु) भी हैं।

यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ में 22 महीने में मारे गए 477 माओवादी और 2,110 ने किया आत्मसमर्पण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, "हमारी 'माओवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025' और 'पूना मारगेम' योजना ने माओवादियों में विश्वास पैदा किया। आत्मसमर्पित साथियों को वित्तीय सहायता, कौशल प्रशिक्षण और सामाजिक एकीकरण सुनिश्चित किया जाएगा।" महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस ने गढ़चिरौली पुलिस को एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया, "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में माओवाद के खिलाफ यह निर्णायक कदम है। हिंसा छोड़ने वालों का स्वागत है, बाकी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।" विशेषज्ञों का मानना है कि उदंती एरिया कमेटी की अपील और इन आत्मसमर्पणों से गरियाबंद सहित दंडकारण्य क्षेत्र में माओवादी संगठन की कमर टूट जाएगी।