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शारदीय नवरात्र पर सक्ती में 102 परिवारों की सनातन में घर वापसी, प्रबल प्रताप जूदेव ने पखारे चरण

सक्ती जिले के जैजैपुर के गलगलाडीह में शारदीय नवरात्र पर श्रीमद् देवी भागवत कथा मंच से 102 परिवारों की सनातन धर्म में घर वापसी कराई गई। भाजपा उपाध्यक्ष...और पढ़ें

By Madan TiwariEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Thu, 15 Oct 2026 07:03:39 PM (IST)Updated Date: Thu, 15 Oct 2026 07:03:39 PM (IST)
शारदीय नवरात्र पर सक्ती में 102 परिवारों की सनातन में घर वापसी, प्रबल प्रताप जूदेव ने पखारे चरण
प्रबल प्रताप जूदेव ने चरण पखारकर किया स्वागत।

HighLights

  1. सक्ती में नवरात्र पर 102 परिवारों की घर वापसी।
  2. प्रबल प्रताप जूदेव ने चरण पखारकर किया स्वागत।
  3. सेवा की आड़ में धर्मांतरण को बताया साजिश।

नईदुनिया प्रतिनिधि, सक्ती : शारदीय नवरात्र के पावन पर्व और चतुर्थ दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के जैजैपुर अंतर्गत गलगलाडीह में एक ऐतिहासिक और भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। श्रीमद् देवी भागवत कथा के पावन मंच से विधि-विधानपूर्वक 102 परिवारों की उनके मूल सनातन धर्म में 'घर वापसी' कराई गई।

धर्म जागरण समन्वय, धर्म सेना, सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन एवं दिलीप सिंह जूदेव फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय घर वापसी अभियान के प्रमुख एवं भाजपा छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह जूदेव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने इन परिवारों के चरण पखारकर उनका सम्मानपूर्वक स्वागत किया और उन्हें सनातन परिवार में पुनः जोड़ा।


सेवा की आड़ में धर्मांतरण बर्दाश्त नहीं:

इस अवसर पर उपस्थित विशाल महिला जनसमूह और श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कड़े शब्दों में कहा कि सक्ती जिले में चल रही धर्मांतरण की गतिविधियों के प्रति समाज को अत्यधिक सजग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सेवा के नाम पर भोले-भाले लोगों को प्रलोभन देकर उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान बदलने का षड्यंत्र अत्यंत निंदनीय है, जो सीधे तौर पर सनातन संस्कृति की जड़ों पर प्रहार है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "सेवा के नाम पर सौदा करके धर्मांतरण कराना मानवता के साथ विश्वासघात और हमारी संस्कृति को मिटाने की साजिश है। सनातन भारत की आत्मा है और इसकी अस्मिता पर किसी भी प्रकार का प्रहार स्वीकार नहीं किया जाएगा।" उन्होंने समाज को छद्म हिंदुओं और भ्रामक ताकतों से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि सनातन की रक्षा के लिए जागरूकता, संगठन और अटूट संकल्प ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।

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स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के संकल्पों को दोहराया

अपने संबोधन में उन्होंने अमर शहीद और जननेता स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव के संकल्पों का स्मरण करते हुए कहा कि अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़ाव ही किसी भी समाज की वास्तविक पहचान है। जब तक समाज का अंतिम व्यक्ति अपनी मूल आस्था और गौरव से पुनः नहीं जुड़ जाता, तब तक घर वापसी का यह पावन अभियान अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने मां दुर्गा के महिषासुरमर्दिनी स्वरूप का स्मरण करते हुए मातृशक्ति से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर सनातन संस्कृति की रक्षा करें और सक्ती जिले को पूरी तरह 'धर्मांतरण-मुक्त' बनाने का संकल्प लें।

संत-महात्माओं और वक्ताओं के विचार

कार्यक्रम के दौरान विश्व हिंदू परिषद के आचार्य राकेश जी ने स्वामी श्रद्धानंद, स्वामी लक्ष्मणानंद, अशोक सिंघल और स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के त्याग व समर्पण का स्मरण किया। वहीं, धर्म जागरण समन्वय की महिला शक्ति प्रांत संयोजिका श्रीमती अंजू गाबेल ने मातृशक्ति से एकजुट होकर माँ भगवती के दरबार में संकल्प लेने का आग्रह किया।

घर वापसी करने वाले परिवारों में उत्साह और बाइक रैली

सनातन धर्म में पुनः लौटने वाले 102 परिवारों ने अत्यधिक हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि अपने मूल समाज और परंपराओं से जुड़ने पर उन्हें आंतरिक शांति, गौरव और आत्मसम्मान का अनुभव हुआ है। कार्यक्रम के उपरांत धर्म सेना के द्वारा एक विशाल बाइक रैली निकाली गई, जिसमें गूंजते “जय श्रीराम” के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं और मातृशक्ति की विशेष उपस्थिति रही। यह संपूर्ण धार्मिक व सामाजिक आयोजन छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत सक्ती जिले (जैजैपुर) से संबंधित है।