
नईदुनिया न्यूज, कोटमी सोनार : अकलतरा से कोटमी सोनार पहुंच मार्ग की हालत लंबे समय से जर्जर बनी हुई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित इस सड़क पर आवागमन करना राहगीरों के लिए मुश्किल हो गया है। सड़क पर जगह-जगह कंकड़ और धूल का गुबार उड़ रहा है। चारपहिया वाहनों के गुजरते ही पीछे चलने वाले दोपहिया वाहन चालक धूल से घिर जाते हैं। इससे उनकी आंखों और कपड़ों पर धूल जम रही है, वहीं दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
अकलतरा से कोटमी सोनार की दूरी लगभग 10 किलोमीटर है, लेकिन सड़क की खराब स्थिति के कारण इस मार्ग से आने-जाने में लोगों को काफी समय लग रहा है। क्षेत्र के ग्रामीणों को तहसील, ब्लॉक मुख्यालय, थाना और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अकलतरा पहुंचने इसी मार्ग का सहारा लेना पड़ता है। इसके बावजूद लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।
कोटमी सोनार क्षेत्र में प्रसिद्ध क्रोकोडाइल पार्क स्थापित है, जहां पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है। इसके बावजूद मुख्य पहुंच मार्ग की बदहाल स्थिति क्षेत्र की छवि को प्रभावित कर रही है। खराब सड़क के कारण स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ पर्यटकों को भी आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा सड़क की समस्या से शासन-प्रशासन को अवगत कराए जाने के बावजूद अब तक मरम्मत नहीं होने की बात सामने आ रही है। ग्रामीण लंबे समय से इस महत्वपूर्ण मार्ग के सुधार की मांग कर रहे हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि सड़क की स्थिति का निरीक्षण कर शीघ्र मरम्मत कराई जाए, ताकि आवागमन सुगम हो सके और राहगीरों एवं पर्यटकों को धूल के गुबार से राहत मिल सके।
सड़क पर धूल और कंकड़ के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। सामने या आगे चलने वाले वाहनों से उड़ने वाली धूल के कारण रास्ता भी स्पष्ट दिखाई नहीं देता। इससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अकलतरा-कोटमी सोनार मार्ग ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
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