
नईदुनिया प्रतिनिधि, जांजगीर-चांपा। जिले के चांपा नगर की बेटी और पर्वतारोही अमिता श्रीवास ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर छत्तीसगढ़ का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।
करीब 8,848.86 मीटर ऊंची इस दुर्गम चोटी पर तिरंगा फहराकर उन्होंने साहस, मेहनत और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। हालांकि अभियान के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए काठमांडू ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
जांजगीर-चांपा जिले के चांपा नगर की रहने वाली अमिता श्रीवास ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर सफलता हासिल कर प्रदेश की बेटियों के लिए नई प्रेरणा प्रस्तुत की है। अमिता वर्तमान में महिला एवं बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर पद पर कार्यरत हैं। नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने पर्वतारोहण के क्षेत्र में लगातार अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
माउंट एवरेस्ट अभियान बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण माना जाता है। बर्फीली हवाओं, अत्यधिक ठंड और ऑक्सीजन की कमी के बीच अमिता ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए शिखर तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की। इससे पहले भी वह अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो को फतह कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं।
एवरेस्ट फतह के बाद वापसी के दौरान अत्यधिक ऊंचाई और ऑक्सीजन की कमी के चलते उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। तत्काल उन्हें नेपाल की राजधानी काठमांडू ले जाया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है।
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मामले की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अमिता श्रीवास के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए अधिकारियों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमिता ने अपने साहस और कठिन परिश्रम से पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।
अमिता श्रीवास की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर चांपा सहित पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है। सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने उनकी सफलता को युवाओं और प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणादायक बताया है।