हत्या को हादसा दिखाने की साजिश, बिलासपुर और जांजगीर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से खुलासा
जांजगीर-चांपा जिले में भारतमाला रोड पर हुआ सड़क हादसा दरअसल एक सुनियोजित हत्या निकला। ट्रांसपोर्टर अरविंद सिंह लोधी की हत्या उसके ही दोस्तों ने ट्रक क...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 02 Sep 2026 03:12:49 PM (IST)Updated Date: Wed, 02 Sep 2026 03:12:49 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्रHighLights
- सकरी निवासी युवक की संदिग्ध मौत का पर्दाफाश।
- स्वजन ने पहले ही जताया था हत्या का शक।
- पुलिस की सूझबूझ से बेनकाब हुआ खौफनाक राज।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: भारतमाला रोड पर जांजगीर-चांपा जिले के कोटमीसुनार के पास 24 जून की रात कार से एक्सीडेंट मौत का मामला हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या निकला। ट्रक के लेन-देन को लेकर विवाद के बाद शराब पार्टी के दौरान दोस्तों ने युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। मौत के बाद वारदात को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को कार से घसीटकर हाईवे पर फेंक दिया गया।
अकलतरा पुलिस ने मामले में एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। उसका साथी अब भी फरार है। सकरी क्षेत्र के पेंडारी निवासी अरविंद सिंह लोधी ट्रांसपोर्टिंग का काम करते थे। वह 22 जून की शाम अपने दोस्तों के पास जाने के लिए घर से निकला था। इसके बाद दोस्तों ने मोबाइल पर काल कर बताया कि अरविंद का एक्सीडेंट हो गया है। जब स्वजन अस्पताल पहुंचे तब उसकी मौत हो गई थी।
शुरुआत में अरविंद की संदिग्ध मौत को हादसा मानते हुए धारा 106(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। हालांकि, जांच के दौरान अकलतरा टीआइ जय कुमार साहू और कोटमीसोनार चौकी प्रभारी विनोद जाटवर ने घटनास्थल का क्राइम सीन रिक्रिएट किया। इसमें हादसे की कहानी पुलिस को संदिग्ध लगी। अरविंद के शरीर पर वाहन से चोट लगने के अलावा लात-घूंसों से मारपीट के गहरे निशान भी मिले।
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स्वजन ने पहले ही जताया था हत्या का शक
अरविंद के पिता अजय सिंह ने पुलिस को बताया था कि 22 जून की शाम उसका दोस्त तरुण सिंह उसे घर से लेकर गया था। अरविंद ट्रांसपोर्टिंग का काम करता था और ट्रक के लेन-देन को लेकर अजय शर्मा व हेमंत सिंह से उसका विवाद था।
23 जून की रात अरविंद ने फोन पर परिवार को एक घंटे में घर आने की बात कही थी और खुद को हेमंत व अजय शर्मा के साथ बताया था। बाद में अजय शर्मा ने परिवार को फोन कर बताया कि अरविंद कार के सामने कूद गया है और उसे चोट लगी है। तोरवा चौक स्थित अस्पताल पहुंचने पर अरविंद की मौत हो चुकी थी और उसके साथी वहां से फरार थे। स्वजन ने उसी समय दोनों पर साजिश के तहत हत्या करने की आशंका जताई थी।
पूछताछ में खुला राज
संदेह के आधार पर पुलिस ने हेमंत को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ में उसने अरविंद की हत्या करना स्वीकार किया। पुलिस के मुताबिक शराब पार्टी के दौरान पुराने विवाद को लेकर विवाद बढ़ा और हेमंत व उसके साथी ने अरविंद की पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को कार से घसीटकर सड़क पर डाल दिया गया, ताकि मामला हिट एंड रन लगे। पुलिस ने अब एक्सीडेंट की धारा हटाकर हत्या की धारा 103(1), 3(5) बीएनएस जोड़ी है। वारदात में प्रयुक्त कार भी जब्त कर ली गई है।