
नईदुनिया प्रतिनिधि, जांजगीर : जिले के बलौदा थाना क्षेत्र के देवरी चिचौली गांव स्थित हसदेव नदी में शुक्रवार को हुए हादसे के बाद लापता तीनों युवकों के शव बरामद कर लिए गए हैं। दोनों के शव पत्थरों के नीचे खोह में फंसे मिले। हादसे के बाद से ही एसडीआरएफ, डीआरएफ और पुलिस की टीमें लगातार नदी में सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चला रही थीं। रविवार सुबह दो और शव मिलने के साथ ही तीनों लापता छात्रों की तलाश पूरी हो गई।
शुक्रवार को बिलासपुर स्थित चौकसे कालेज के तीन छात्र व चार छात्राएं पिकनिक मनाने बलौदा ब्लाक के देवरी-चिचोली पहुंचे थे। सेल्फी लेने के दौरान चिरमिरी निवासी पवन पाल का पैर फिसल गया और वह नदी में गिर गया और बहने लगा। अपने दोस्त को बचाने के लिए मुरारी साहू और सचिन सिंह भी एक एक कर नदी के तेज बहाव की चपेट में आने से बह गए थे।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए थे। हादसे के बाद नदी में लगातार सर्च अभियान चलाया गया। बचाव दल ने नदी के विभिन्न हिस्सों में तलाश की। रविवार सुबह करीब 6:15 बजे निवासी सचिन सिंह (23), पिता यशवंत सिंह, निवासी सूरजपुर अंबिकापुर का शव नदी से बरामद किया गया। इसके बाद करीब सुबह सात बजे मुरारी साहू (22), पिता अशोक साहू, निवासी कवर्धा का शव भी नदी से निकाल लिया गया।
इससे पहले शनिवार को पवन पाल, निवासी चिरमिरी का शव बरामद किया जा चुका था। शव को पोस्टमार्टम के लिए बलौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजनों को सौंप दिए गए। हादसे ने एक बार फिर नदी और पिकनिक स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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पत्थरों के नीचे खोह में फंसे मिले दो शव
रेस्क्यू टीम ने देवरी पिकनिक स्पॉट के आसपास से लेकर नदी के आगे करीब तीन से चार किलोमीटर तक अलग-अलग हिस्सों में सघन तलाशी अभियान चलाया। पानी के तेज बहाव के कारण कई स्थानों पर तलाशी में परेशानी आई। इसी दौरान घटनास्थल के आसपास पत्थरों के नीचे बनी खोह में सचिन और मुरारी के शव फंसे मिले।
टीम ने काफी मशक्कत के बाद दोनों शवों को बाहर निकाला। इससे पहले सर्च आपरेशन के दूसरे दिन पवन का शव घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर बरामद किया गया था। इसके बाद सचिन और मुरारी की तलाश जारी रखी गई थी।
तीन दिन तक नदी किनारे उम्मीद लगाए बैठे रहे स्वजन
हादसे के बाद से ही छात्रों के स्वजन नदी किनारे डटे हुए थे। हर बार रेस्क्यू टीम के बाहर आने पर परिजन अपनों की खबर की उम्मीद लगाए रहते थे। तीन दिनों के इंतजार के बाद जब सचिन और मुरारी के शव मिलने की सूचना मिली तो स्वजनों का धैर्य टूट गया। शवों को देखते ही वे बिलख पड़े। नदी किनारे चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।
तीन परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे ने तीनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। तीन दिनों तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद तीनों छात्रों के शव मिलने से तलाश तो पूरी हो गई, लेकिन इस दर्दनाक हादसे की टीस परिवारों और क्षेत्रवासियों के बीच लंबे समय तक बनी रहेगी।
पहले भी हो चुकी है कई घटनाएं
देवरी पिकनिक स्पाट में पहले भी कई घटनाएं हो चुकी है और कई लोगों की मौत जान जा चुकी है। बावजूद ना तो प्रशासन कोई व्यवस्था बना रहा है और ना ही पिकनिक मनाने पहुंचने वाले लोग लापरवाही बरतने से बाज आ रहे है। ग्राम पंचायत के द्वारा इस ओर पहल करते हुए पिकनिक स्पाट को बंद करना चाहिए। 20 दिसंबर 2022 को भी बलौदा के दो छात्र बह गए थे और उनकी मौत हो गई थी।
14 जुलाई 2024 को लिंगियांडीह सरंकडा बिलासपुर से दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने आया एक युवक नदी में बह गया था और उसकी मौत हो गई थी। 20 अक्टूबर 2024 को कापन निवासी सूरज पटेल, खुशेन्द्र बरेठ नदी में नहाते में बह जाने से मौत हो गई थी । वही 27 दिसम्बर 2024 को दीपका निवासी अश्वनी सिंग पिता लव कुश सिंग उम्र लगभग 24 साल, सुमित सिंग पिता जयचंद सिंग उम्र लगभग 19 साल की मौत हो गई।