सवा लाख पार्थिव शिवलिंग पूजन के बीच 500 लोगों की घर वापसी, तेंदुआ धाम शिवरीनारायण में गूंजा हर हर महादेव
जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण स्थित तेंदुआ धाम में सावन के दूसरे सोमवार से सवा लाख पार्थिव शिवलिंग पूजन की शुरुआत हुई है। इस धार्मिक अनुष्ठान के द...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 11 Aug 2026 09:44:36 AM (IST)Updated Date: Tue, 11 Aug 2026 09:44:36 AM (IST)
प्रबल प्रताप सिंह जूदेव पैर धुलाते हुए वही अंजू गबेल पानी डालते हुए।HighLights
- शिवरीनारायण में भव्य धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ।
- सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण और धर्म चेतना का संदेश।
- 500 मतांतरित लोगों ने अपनी मूल जड़ों में की वापसी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जांजगीर-चांपा। माता शबरी की पावन धरा और प्रभु श्रीराम से जुड़ी धार्मिक नगरी शिवरीनारायण के तेंदुआ धाम स्थित राम मिलेंगे आश्रम में सावन के दूसरे सोमवार से सवा लाख पार्थिव शिवलिंगों के दिव्य पूजन एवं भगवान भोलेनाथ की भव्य आराधना का शुभारंभ हुआ। धार्मिक आयोजन के दौरान आयोजकों के अनुसार करीब 500 मतांतरित लोगों की सनातन धर्म में ‘घर वापसी’ कराई गई।
इस दौरान धार्मिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। घर वापसी कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रबल प्रताप सिंह जूदेव और सामाजिक कार्यकर्ता अंजू गबेल शामिल हुए। प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अपने हाथों से लोगों के पैर पखारे और उन्हें सनातन परंपराओं, संस्कारों और सनातन धर्म के प्रति निष्ठा की शपथ दिलाई। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि 500 लोगों के चरण पखारकर उन्हें उनके मूल सनातन संस्कारों, परंपराओं और पूर्वजों की आध्यात्मिक परंपरा से जोड़ने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण, आस्था की पुनर्स्थापना और धर्म चेतना के जागरण का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की जड़ें अत्यंत गहरी हैं और इसे किसी भी परिस्थिति में समाप्त नहीं किया जा सकता।
उन्होंने धार्मिक आस्था और सनातन संस्कृति के सम्मान की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि महादेव की आराधना और धर्म के मार्ग पर चलने से समाज में सकारात्मक चेतना का प्रसार होगा। इधर, सवा लाख पार्थिव शिवलिंग पूजन को लेकर भी श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। सावन के पावन महीने में भगवान शिव की विशेष आराधना, पूजन और धार्मिक अनुष्ठानों में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता अंजू गबेल, राम मिलेंगे आश्रम के संस्थापक डॉ. अशोक हरिवंश सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं ग्रामीणजन मौजूद रहे। आयोजन के दौरान पूरा परिसर धार्मिक वातावरण और भगवान भोलेनाथ के जयकारों से गूंजता रहा।