नईदुनिया प्रतिनिधि, बम्हनीडीह : ग्राम पंचायत पुछेली में नदी से कथित अवैध रेत उत्खनन का मामला एक बार फिर चर्चा में है। स्थानीय स्तर पर नदी से बड़े पैमाने पर रेत निकाले जाने और इस कारोबार में कुछ प्रभावशाली लोगों की भूमिका होने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
आरोप है कि नदी तक पहुंचने के लिए सड़क तैयार की गई है और चैन माउंटेन मशीन के जरिए रेत का उत्खनन किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय स्तर पर इस गतिविधि में बम्हनीडीह के कुछ नेताओं के संरक्षण की चर्चा भी है। वहीं, बिलासपुर निवासी दीपक नामक व्यक्ति की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। रायपुर में बैठे एक मंत्री से फोन करवाकर संरक्षण दिलाने की चर्चा होने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि के लिए संबंधित विभाग की जांच और पक्षकारों का आधिकारिक जवाब सामने आना जरूरी है।
बिलासपुर के ट्रांसपोर्टरों को ऊंचे दाम पर रेत बेचने का आरोप
पुछेली से निकाली जा रही रेत को बिलासपुर के ट्रांसपोर्टरों को ऊंचे दाम पर बेचे जाने के आरोप भी लग रहे हैं। यदि रेत की आपूर्ति और बिक्री में अनियमितता हो रही है, तो इसका असर निर्माण कार्य कराने वाले आम नागरिकों पर पड़ सकता है। पहले से महंगाई का सामना कर रहे निम्न और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए मकान निर्माण की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में रेत की कीमतों और बिक्री व्यवस्था की जांच की मांग उठ रही है।
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नदी तक सड़क निर्माण और मशीन से उत्खनन की चर्चा
स्थानीय लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि रेत उत्खनन के लिए नदी तक पहुंच मार्ग तैयार किया गया है। इसके बाद मशीनों के जरिए रेत निकाले जाने का आरोप है। इस पूरे मामले में प्रभावशाली लोगों की कथित भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, सड़क निर्माण कब हुआ, उत्खनन के लिए किसकी अनुमति ली गई है और मौके पर किन मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
खनिज विभाग की जांच से स्पष्ट होगी स्थिति
कथित अवैध उत्खनन की शिकायतों के बीच खनिज विभाग और प्रशासन की कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं। यदि रेत का उत्खनन बिना वैध अनुमति या निर्धारित नियमों के विपरीत हो रहा है, तो इससे शासन के राजस्व और नदी के प्राकृतिक स्वरूप पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में मौके का निरीक्षण कर उत्खनन की अनुमति, मशीनों के उपयोग, परिवहन और रेत की बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच जरूरी है।
कलेक्टर ने टीम भेजकर कार्रवाई की बात कही
मामले में जांजगीर-चांपा कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कहा, टीम भेजकर कार्रवाई करवाता हूं। कलेक्टर के इस आश्वासन के बाद अब यह देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और कथित उत्खनन को लेकर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।
सरपंच ने आरोपों को नकारा
ग्राम पंचायत पुछेली की सरपंच सीमा देवेंद्र बैरागी ने अवैध रेत उत्खनन की जानकारी होने से इंनकार किया। उन्होंने कहा कि आरोप गलत हैं और रेत माफिया को सरपंच का कोई संरक्षण नहीं है।