
नईदुनिया प्रतिनिधि, जशपुरनगर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के सुदूर ग्रामीण अंचलों में आवागमन की तस्वीर बदलने लगी है। चलनी-परसाडीपा मार्ग स्थित पौरी नदी पर 3 करोड़ 14 लाख रुपये की लागत से उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। इस पुल के बन जाने से बारिश के दिनों में उफनती नदी के कारण संपर्क विहीन होने वाले ग्रामीणों को स्थायी निजात मिल सकेगी।
पौरी नदी पर पुल न होने की वजह से स्थानीय ग्रामीणों को दशकों से आवाजाही के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा था। मानसून के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ते ही मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो जाता था, जिससे कई गांवों का संपर्क जिला व तहसील मुख्यालय से टूट जाता था।
ऐसी विषम परिस्थितियों में स्कूली बच्चों, बीमार बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और किसानों को भारी असुविधा झेलनी पड़ती थी। अक्सर ग्रामीणों को अपनी मोटरसाइकिल या चारपहिया वाहन नदी के किनारे खड़े कर जान हथेली पर रखकर पैदल नदी पार करनी पड़ती थी। ग्रामीणों की इसी पीड़ा को देखते हुए प्रशासन ने यहां पक्के पुल के निर्माण को प्राथमिकता में शामिल किया।
पौरी नदी पर उच्च स्तरीय पुल का काम पूरा होते ही इस पूरे इलाके को बारहमासी सुरक्षित कनेक्टिविटी मिल जाएगी। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बावजूद लोगों का आवागमन बाधित नहीं होगा, जिससे बच्चों की नियमित पढ़ाई और किसानों के उत्पाद बाजार तक पहुंचाने की राह आसान हो जाएगी। निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ते देख क्षेत्रीय ग्रामीणों में भारी उत्साह है और उन्होंने इस दीर्घकालिक समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है।
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जिले के अंदरूनी और वनांचल क्षेत्रों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए सरकार बड़े पैमाने पर कार्ययोजना संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री द्वारा जशपुर जिले के लिए मंजूर की गई 109 करोड़ रुपये की विशेष निधि से अलग-अलग स्थानों पर कुल 22 उच्च स्तरीय पुलों का निर्माण कराया जा रहा है। इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के पूरा होते ही जिले के दूरदराज के अंचलों में परिवहन व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ हो जाएगी और ग्रामीणों के सामाजिक व आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।