
नईदुनिया प्रतिनिधि, जशपुरनगर। जिला परिवहन अधिकारी विजय निकुंज के पैतृक आवास से हुई साढ़े करोड़ रुपये से अधिक के सोने और नकदी की चोरी के मामले में पुलिस ने चार फरार आरोपितों पर इनाम घोषित किया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि आरोपितों की सूचना देने वाले को 10 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा और सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस मामले में अब तक पांच आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि चार आरोपी फरार हैं। फरार आरोपितों में आरा चौकी क्षेत्र के अंबाटोली निवासी घनश्याम प्रधान (29), कोतवाली थाना क्षेत्र के रानीबगीचा निवासी अविनाश राम (27), आरा निवासी अनमोल भगत (25) और ओडिशा के सुंदरगढ़ निवासी विजय बसंत बड़ाइक शामिल हैं। पुलिस आरोपितों के साथ उस अटैची की भी तलाश कर रही है, जिसमें चोरी का सोना रखा होने की बात कही जा रही है।
तलाश में पुलिस की छापेमारी
फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कोतवाली और नारायणपुर थाना की संयुक्त टीम लगातार छापेमारी कर रही है। बुधवार को पुलिस ने बांकीटोली, रानीबगीचा और आरा क्षेत्र में संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी। इस दौरान पुलिस ने तलाशी के साथ पूछताछ भी की। इस बहुचर्चित मामले में पुलिस फरार आरोपितों के साथ मुख्य आरोपित मिनल निकुंज के घर से चोरी हुए सोने से भरे सूटकेस की भी तलाश कर रही है। अब तक पांच आरोपितों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा जा चुका है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह कोतवाली और नारायणपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपित अविनाश राम और घनश्याम प्रधान के ठिकानों पर दबिश दी थी। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
भतीजी ने की थी चाचा के घर चोरी
करोड़ों की चोरी का यह मामला जिला परिवहन अधिकारी विजय निकुंज से जुड़ा है। उनकी पत्नी सुषमा निकुंज ने 25 दिसंबर को नारायणपुर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें केराडीह के रैनीडांड़ स्थित पैतृक निवास से 35 लाख रुपये नकद और सोने के गहने चोरी होने की शिकायत की गई थी। शिकायत में भतीजी मिनल निकुंज को संदेही बताया गया था।
जांच के दौरान मामला करोड़ों रुपये का निकला। पुलिस ने झारखंड के रांची स्थित एक होटल से मिनल निकुंज और उसके बॉयफ्रेंड अनिल प्रधान को गिरफ्तार किया। पूछताछ में चोरी की रकम 5 करोड़ रुपये से अधिक होने की बात सामने आई। मिनल निकुंज ने बताया कि अटैची में करीब 15 लाख रुपये नकद और लगभग 4 किलो सोना था। आरोपितों ने चोरी का सोना ओडिशा के राउरकेला में बेचकर 8 लाख रुपये प्राप्त किए थे।
पहेली बनी करोड़ों की अटैची
चोरी के इस मामले में सोने से भरी अटैची अब भी रहस्य बनी हुई है। मिनल निकुंज ने बयान में बताया कि पिकनिक के दौरान कुछ आरोपी काम का बहाना बनाकर लौट आए थे और बाद में अटैची गायब हो गई। संदेह है कि अटैची फरार आरोपितों के पास हो सकती है।
पुलिस का क्या कहना है
शशि मोहन सिंह, एसएसपी, जशपुर का कहना है कि “फरार आरोपितों के हर संभावित ठिकाने पर लगातार दबिश दी जा रही है। सूचना देने वाले को 10 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा और पहचान गोपनीय रखी जाएगी।”