
नईदुनिया प्रतिनिधि, जशपुरनगर: पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होगी। इसके लिए जिला प्रशासन ने उपार्जन केंद्रों और ओडिसा तथा झारखंड से लगी अंतरराज्यीय सीमाओं पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की है। कैमरों के कंट्रोल रूम में अधिकारी 24 घंटे नजर रखेंगे। संदिग्ध गतिविधि दिखने पर पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी। जिलेभर में नाकेबंदी भी की जा रही है।
जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) शंभुनाथ गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष जिले के 49 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की तैयारी है। शासन के निर्देशानुसार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदा जाएगा। विपणन वर्ष 2026-27 के लिए जिले को 32 लाख क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य मिला है। यह अंतिम लक्ष्य नहीं है। पंजीकृत किसानों को तीन टोकन जारी होंगे और उन्हें निर्धारित मात्रा में धान इन्हीं टोकनों के माध्यम से बेचना होगा। गुप्ता ने किसानों से मंडी लाने से पहले धान अच्छी तरह सुखाने की अपील की, ताकि उसमें नमी निर्धारित सीमा से अधिक न हो और उन्हें असुविधा का सामना न करना पड़े।
सीमा पर निगरानी, 1000 क्विंटल से अधिक धान जब्त
पड़ोसी राज्यों ओडिसा और झारखंड से धान की तस्करी रोकने के लिए प्रशासन ने नवंबर की शुरुआत से ही सख्ती शुरू कर दी है। खरीदी शुरू होने से पहले जिला और पुलिस प्रशासन 1000 क्विंटल से अधिक अवैध धान जब्त कर चुका है। डीएमओ ने बताया कि दोनों राज्यों की सीमा से लगे क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। निगरानी के लिए कलेक्टर कार्यालय और डीएमओ कार्यालय में कंट्रोल रूम तैयार किया जा रहा है। संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल कार्रवाई होगी और इसके लिए पेट्रोलिंग टीम गठित की जाएगी। इसके अलावा, हर साल की तरह नाकेबंदी भी की जा रही है। जिले में अब तक 25 स्थान चिह्नित किए जा चुके हैं।
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तीन नए उपार्जन केंद्र
किसानों की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विपणन वर्ष 2026-27 में जिले में तीन नए उपार्जन केंद्र शुरू करने की स्वीकृति दी है। डीएमओ के मुताबिक, इनमें सन्ना तहसील का चंपा, बगीचा का कुदमुरा और फरसाबहार का कोरंगामाल शामिल हैं। इन केंद्रों के जुड़ने से जिले में उपार्जन केंद्रों की संख्या 49 हो जाएगी। प्रशासन का कहना है कि केंद्र बढ़ने से किसानों को कतारों में लगने से राहत मिलेगी और उपज मंडी तक पहुंचाने का खर्च भी कम होगा। इन तीनों केंद्रों की मांग लंबे समय से की जा रही थी।
एक नजर आंकड़ों पर
वर्जन
शासन के निर्देशानुसार 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर पंजीकृत किसानों से धान खरीदी शुरू करने की तैयारी कर ली गई है। खरीदी के दौरान धान की अवैध आवक रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में नाकेबंदी के साथ सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। अवैध परिवहन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-शंभुनाथ गुप्ता, डीएमओ, जशपुर।