• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • जशपुर

पर्यटकों को मिलेगा असली छत्तीसगढ़ी स्वाद, जशपुर के 6 गांवों में 1.80 करोड़ की लागत से विकसित होगा क्लस्टर होमस्टे मॉडल

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में 'प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान' (PM-JUGA) के अंतर्गत ₹1.80 करोड़ की लागत से क्लस्टर आधारित होमस्टे परियोजना को म...और पढ़ें

By RAVINDRA KUMAR THAWAITEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Tue, 15 Sep 2026 05:51:38 PM (IST)Updated Date: Tue, 15 Sep 2026 05:51:38 PM (IST)
पर्यटकों को मिलेगा असली छत्तीसगढ़ी स्वाद, जशपुर के 6 गांवों में 1.80 करोड़ की लागत से विकसित होगा क्लस्टर होमस्टे मॉडल

HighLights

  1. पीएम-जुगा योजना के तहत जशपुर को मिली क्लस्टर होमस्टे सौगात।
  2. 6 जनजातीय गांवों में ₹1.80 करोड़ से बनेंगे 30 होमस्टे।
  3. स्थानीय परिवारों को आतिथ्य, हस्तशिल्प और गाइड से मिलेगा रोजगार।

नईदुनिया प्रतिनिधि,जशपुर: छत्तीसगढ़ के जनजातीय अंचल में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पर्यटन से जोड़ने और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की दिशा में एक बड़ी और ऐतिहासिक शुरुआत हुई है। केंद्र सरकार के 'प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान' (PM-JUGA) के तहत जशपुर जिले के बगीचा-मयाली-जशपुर क्लस्टर में क्लस्टर आधारित होमस्टे परियोजना को आधिकारिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से जनजातीय अंचल के 6 प्रमुख गांवों में 30 नए होमस्टे विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय परिवारों को पर्यटन गतिविधियों से सीधे रोजगार और आय के नए अवसर मिलेंगे।

naidunia_image

इस पूरी परियोजना के विकास पर लगभग 1.80 करोड़ रुपये व्यय प्रस्तावित हैं। इसके तहत किंकेल, कमतरा, डंगरी, महनई, सरुधाप और पंडरापाठ में प्रति गांव 5-5 होमस्टे तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रत्येक गांव में बुनियादी व सामुदायिक सुविधाओं के विकास के लिए 5 लाख रुपये का अलग से प्रावधान किया गया है।


यह मॉडल पारंपरिक होटल व्यवस्था से इतर कम्युनिटी बेस्ड टूरिज्म (CBT) को बढ़ावा देगा, जिससे पर्यटक जशपुर के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के साथ-साथ स्थानीय परिवारों के बीच रहकर जनजातीय संस्कृति, खान-पान और लोक परंपराओं को करीब से अनुभव कर सकेंगे।

जनजातीय जीवनशैली से रूबरू कराना

प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय विरासत हमारी असली पहचान है। सरकार का मुख्य लक्ष्य पर्यटकों को प्रकृति के साथ-साथ जनजातीय जीवनशैली से रूबरू कराना और स्थानीय युवाओं व महिलाओं को आतिथ्य, गाइड, हस्तशिल्प व स्थानीय व्यंजनों के माध्यम से आजीविका से जोड़ना है।

naidunia_image

वहीं छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने बताया कि यह परियोजना जशपुर को ग्रामीण और जनजातीय पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। कैलाश गुफा, खुड़ियारानी गुफा, रानीदाह जलप्रपात और देशदेखा पहाड़ जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के पास स्थित होने के कारण इन होमस्टे में पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ेगी।

यह भी पढ़ें- थाली लेकर भीख मांगने को मजबूर हुए ग्रामीण, बलरामपुर में झेलगी पर मरीज ढोने का दर्दनाक वीडियो आया सामने

परियोजना विकास, बजट और रोजगार के नए अवसर

  • 30 होमस्टे का निर्माण: बगीचा-मयाली-जशपुर अंचल के 6 गांवों में 5-5 की तर्ज पर कुल 30 होमस्टे स्थानीय परिवेश में तैयार किए जाएंगे।

  • सामुदायिक विकास पर जोर: प्रत्येक चयनित गांव में ₹5 लाख की लागत से पर्यटकों के लिए आधारभूत व सामुदायिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

  • रोजगार के बहुआयामी अवसर: स्थानीय युवाओं व महिलाओं को पर्यटक गाइड, पारंपरिक व्यंजन, परिवहन, हस्तशिल्प व आतिथ्य सेवाओं से सीधे जोड़ा जाएगा।

  • संस्कृति और अर्थव्यवस्था को मजबूती: पर्यटकों के सीधे ठहराव से होटल आधारित पर्यटन का लाभ सीधे जनजातीय परिवारों के पास पहुंचेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।