• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • कोंडागांव

राजस्व रिकॉर्ड के नाम पर कोंडागांव में अवैध वसूली; एसडीएम ने लिया स्वतः संज्ञान, आरोपी पटवारी को नोटिस जारी

बड़े राजपुर तहसील में राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त करने के नाम पर पटवारियों द्वारा अवैध वसूली किए जाने का आरोप सामने आया है। सर्वाधिक शिकायत बांसकोट एवं बाल...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Fri, 30 Jan 2026 12:14:41 PM (IST)Updated Date: Fri, 30 Jan 2026 12:14:41 PM (IST)
राजस्व रिकॉर्ड के नाम पर कोंडागांव में अवैध वसूली; एसडीएम ने लिया स्वतः संज्ञान, आरोपी पटवारी को नोटिस जारी
किसान ने वीडियो जारी कर लगाए थे आरोप

विश्रामपुरी, नई दुनिया न्यूज। बड़े राजपुर तहसील में राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त करने के नाम पर पटवारियों द्वारा अवैध वसूली किए जाने का आरोप सामने आया है। सर्वाधिक शिकायत बांसकोट एवं बालेंगा पटवारी हल्का क्षेत्र से जुड़ी बताई जा रही है, जहां किसानों से आपसी बंटवारा, फौती और ऑनलाइन सुधार के नाम पर लाखों रुपये वसूले जाने के आरोप लगाए गए हैं।

ग्रामीणों का क्या है आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि पटवारी को उच्च अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है, इसी कारण किसान शिकायत करने से डरते हैं। उनका कहना है कि शिकायत करने पर उनके राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ी की जा सकती है और उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जा सकता है। इसी भय के चलते अधिकांश कृषक सामने नहीं आ रहे हैं।


दो वर्षों से तहसील और पटवारी कार्यालय के चक्कर काट रहे

बांसकोट निवासी श्रवण कुमार सिन्हा ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि वे दो वर्षों से तहसील और पटवारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। उनके भाई कोदूराम सिन्हा के साथ बंटवारा प्रकरण लंबित था, जिसमें नया पट्टा बनाने के नाम पर पटवारी ने 12 हजार रुपये की मांग की। श्रवण कुमार सिन्हा और उनकी पत्नी ने बताया कि बतौर एडवांस 3 हजार रुपये देने के बावजूद एक साल तक काम नहीं हुआ और अब शेष 9 हजार रुपये के लिए दबाव बनाया जा रहा है।

इसी तरह बांसकोट निवासी आदिवासी अमर सिंह की दो वर्ष पूर्व आकस्मिक मृत्यु के बाद उनकी पत्नी को फौती काटने के लिए पटवारी कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़े। बाद में पंचायत प्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद एक हजार रुपये लेने के पश्चात फौती काटी गई और पत्नी का नाम रिकॉर्ड में चढ़ाया गया।

ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि बांसकोट निवासी महेश नाग की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी से भी फौती के नाम पर रकम ली गई और नाम सुधार के लिए उन्हें बार-बार तहसील बुलाया गया। शिकायतें अनेक हैं, लेकिन तहसील और पटवारी कार्यालय से जुड़े कार्यों की मजबूरी के कारण किसान खुलकर शिकायत नहीं कर पा रहे हैं। आरोप है कि प्रशासन भी इसी का लाभ उठाते हुए पटवारियों को प्रश्रय दे रहा है।

शिकायत को नजरअंदाज कर देते हैं अधिकारी

पीड़ितों का कहना है कि तहसीलदार और अन्य उच्च अधिकारियों को इन गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। पीड़ित श्रवण कुमार सिन्हा, पुरुषोत्तम हिडसो और पवन कुमार ने बताया कि बड़े राजपुर तहसीलदार और नायब तहसीलदार से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई के बजाय ग्रामीणों को डांट-फटकार कर भगा दिया गया।

आरोप है कि वर्तमान में भी पीड़ितों पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे पटवारी बेखौफ होकर वसूली कर रहे हैं। हर छोटे-बड़े काम के लिए अवैध वसूली की जा रही है। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है और परेशान ग्रामीणों ने राजस्व मंत्री से शिकायत करने की बात कही है।

अधिकारियों का क्या कहना है

आकांक्षा नायक, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, केशकाल का कहना है कि “मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। पटवारी को नोटिस जारी किया गया है। पीड़ित पक्ष का भी बयान लिया जाएगा।”

यह भी पढ़ें- स्कॉर्पियो-ट्रक की जबरदस्त भिड़ंत में 5 की मौत, एक ही परिवार के बाप-पुत्र-भतीजे की एकसाथ जली चिता