
नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा। कोयला खदान के अंदर हुए ब्लास्टिंग से बुलेट की रफ्तार से एक पत्थर छिटक कर ग्रामीण पर गिरा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीण हरदीबाजार से पैदल घर लौट रहा था, इस दौरान यह घटना हुई। पत्थर सीधे सिर पर लगा, इसलिए उपचार का भी मौका नहीं मिल सका।
घटना के बाद ग्रामीण एकत्रित हो गए और खदान प्रबंधन के विरुद्ध नाराजगी जाहिर की। प्रशासनिक अधिकारियों के समझाइश को दरकिनार कर पंचनामा कार्रवाई किए बगैर ग्रामीण जबरदस्ती शव को उठा कर अस्पताल से वापस घटनास्थल ले गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे।
साऊथ ईस्टर्न कोलफिल्डस लिमिटेड (एसईसीएल) की संचालित मेगा परियोजना खदान में हैवी ब्लास्टिंग बंद किए जाने की मांग लंबे समय से ग्रामीण कर रहे थे। प्रबंधन को आगाह करने के बाद भी हैवी ब्लास्टिंग का सिलसिला जारी रहा। नतीजा यह हुआ कि बुधवार को मिस्त्री एवं खेती- किसानी का काम करने वाला ग्राम रेंकी निवासी लखन लाल पटेल 55 वर्ष की जान चली गई। वह ग्राम हरदीबाजार से वापस अपने घर वापस लौट रहा था।
लखनलाल ग्राम सुआभोड़ी के निकट पहुंचा, तभी अचानक खदान के सुआभोंड़ी फेस में हैवी ब्लास्टिंग की गई। इस दौरान खदान से पत्थर का टुकड़ा उछल कर लखनलाल के सिर पर जा गिरा। इतनी तेज रफ्तार से पत्थर उछला कि उसकी चपेट में आते ही लखनलाल सड़क पर पर गिर पड़े और उसके बाद नहीं उठे।
राहगीरों की नजर जब उस पर पड़ी और उन्होंने आनन- फानन में उसे उठा कर हरदीबाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां उपस्थित डाक्टरों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ अस्पताल में लग गई।
क्योंकि पहले से ही ग्रामीण नियम विरुद्ध हैवी ब्लास्टिंग किए जाने का विरोध कर रहे थे, पर प्रबंधन ने उनकी एक नहीं सुनी। मौत हो जाने की घटना के बाद ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ गई। उन्होंने प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि निर्धारित मानक से कहीं अधिक बारूद का इस्तेमाल कर ब्लास्टिंग किया गया। इस लापरवाही की वजह से लखनलाल की जान गई। वापस घटनास्थल पर शव को रखने की मांग पर ग्रामीण अड़ गए।
मौके पर मौजूद अनुविभागीय अधिकारी पाली रोहित कुमार तहसीलदार हरदीबाजार अभिजीत, थाना प्रभारी हरदीबाजार प्रमोद डडसेना तथा थाना प्रभारी कुसमुंडा मृत्युजंय पांडेय ने नाराज ग्रामीणों को समझाने को कोशिश की, पर वे किसी की एक नहीं सुने और वापस शव को अस्पताल से उठा कर घटनास्थल पर ले गए। इसके साथ अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से प्रशासन चर्चा करने का प्रयास करती रही।