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वर्षा में बह गया गेवरा खदान का रेस्ट शेल्टर, घटना के समय अंदर नहीं थे कर्मचारी, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल

गेवरा कोयला खदान में तेज बारिश के कारण माइनिंग स्टाफ का रेस्ट शेल्टर पानी के तेज बहाव में बहकर गहरी खाई में जा गिरा। घटना के समय अंदर कोई कर्मचारी नही...और पढ़ें

By Suresh kumar DewanganEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Wed, 23 Sep 2026 08:39:58 PM (IST)Updated Date: Wed, 23 Sep 2026 08:39:58 PM (IST)
वर्षा में बह गया गेवरा खदान का रेस्ट शेल्टर, घटना के समय अंदर नहीं थे कर्मचारी, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर  हो रहा वायरल
बह कर पानी में गिरा रेस्ट शेल्टर

HighLights

  1. एसईसीएल की गेवरा कोयला खदान में मूसलाधार बारिश के बाद पानी का तेज बहाव।
  2. खदान में तैनात शिफ्ट इंचार्ज, माइनिंग सरदार और ओवरमैन धूप-बरसात से बचने के लिए करते थे उपयोग।
  3. खदान क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा और अस्थायी ढांचे पर खड़े हुए सवाल।

नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा : एसईसीएल की गेवरा कोयला खदान में सोमवार को तेज बारिश के दौरान माइनिंग स्टाफ के लिए बनाया गया रेस्ट शेल्टर पानी के तेज बहाव में बहकर खदान की गहरी खाई में जा गिरा। घटना गणेश सावेल क्षेत्र की है। राहत की बात यह रही कि जिस समय पानी का बहाव बढ़ा, उस दौरान शेल्टर के भीतर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। इससे बड़ा हादसा टल गया।

बताया जा रहा है कि खदान क्षेत्र में करीब एक घंटे तक तेज वर्षा हुई। इसके बाद ऊपरी हिस्से से निचले क्षेत्र की ओर पानी का बहाव बढ़ गया। पानी की चपेट में आने से टिन शेड से बना रेस्ट शेल्टर अपनी जगह से उखड़ गया और तेज बहाव के साथ खदान की गहराई में जा गिरा। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें शेल्टर को पानी के बहाव में बहते हुए देखा जा सकता है।


खदान में तैनात शिफ्ट इंचार्ज, माइनिंग सरदार और ओवरमैन धूप व वर्षा से बचने के लिए इस शेल्टर का उपयोग करते थे। ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों के आराम करने के लिए यह स्थान बनाया गया था। वर्षा के दौरान जिस तरह से पानी का बहाव बढ़ा और पूरा ढांचा बह गया, उससे शेल्टर की स्थिति और वहां पानी निकासी की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि शेल्टर के आसपास वर्षा के पानी की निकासी के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। इसी वजह से तेज वर्षा के बाद पानी एकत्रित होकर बहाव में बदल गया और इसकी चपेट में शेल्टर आ गया। हालांकि, घटना के समय कर्मचारियों के वहां मौजूद नहीं होने से जनहानि नहीं हुई।

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दो साल पहले कुसमुंडा में गई थी कर्मचारी की जान

वर्षा के दौरान खदान क्षेत्र में जलभराव और तेज बहाव का खतरा पहले भी जानलेवा साबित हो चुका है। जुलाई 2024 में कुसमुंडा खदान के गोदावरी फेस क्षेत्र में तेज वर्षा के बाद पानी और मलबे का अचानक तेज बहाव आया था। उस समय छह अधिकारी-कर्मचारी इसकी चपेट में आए थे। पांच कर्मचारी बच गए थे, जबकि अंडर मैनेजर एवं शिफ्ट इंचार्ज जितेंद्र कुमार नागरकर बहाव में फंस गए थे। अगले दिन बचाव दल ने उनका शव मलबे से बरामद किया था।

सुरक्षा इंतजामों पर फिर सवाल

गेवरा में रेस्ट शेल्टर बहने की घटना ने एक बार फिर वर्षा के दौरान खदान में कर्मचारियों की सुरक्षा और अस्थायी ढांचों की स्थिति पर सवाल खड़े किए हैं। विशेष रूप से ऐसे स्थानों पर जहां वर्षा का पानी ऊपरी हिस्से से नीचे की ओर आता है, वहां जल निकासी और सुरक्षित विश्राम स्थल की व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है। वर्तमान घटना में किसी कर्मचारी के मौजूद नहीं होने से जनहानि नहीं हुई, लेकिन शेल्टर का बह जाना सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत जरूर सामने लाता है।