
नईदुनिया न्यूज, कोरबा: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत मरीजों के उपचार में अनियमितता पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग ने कटघोरा स्थित हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अस्पताल का योजना के तहत पंजीयन एक वर्ष के लिए निलंबित कर दिया गया है। इस अवधि में अस्पताल नए मरीजों को योजना के तहत भर्ती नहीं कर सकेगा। साथ ही परिसर से आयुष्मान योजना से संबंधित प्रचार सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में अस्पताल में मरीजों के स्वजन से नकद राशि लेने, भर्ती अभिलेखों में गलत मोबाइल नंबर दर्ज करने और नवजात शिशुओं के उपचार में अनियमितताओं के मामले सामने आए।
जांच दल ने 30 सितंबर 2026 को अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान भर्ती फाइलों में दर्ज 68 मोबाइल नंबर गलत अथवा उपयोग में नहीं पाए गए। इसके अलावा पैथोलॉजी और अल्ट्रासोनोग्राफी से संबंधित अभिलेख भी उपलब्ध नहीं कराए गए। इन खामियों को लेकर अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था।
प्रबंधन का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिलने और मरीजों के अभिलेखों एवं उपलब्ध साक्ष्यों की जांच में वित्तीय तथा प्रक्रियागत अनियमितताएं सामने आने के बाद कार्रवाई की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसएन केशरी ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के जुलाई 2026 में जारी दिशा-निर्देशों की कंडिका 6.4.1 के तहत अस्पताल का पंजीयन एक वर्ष के लिए निलंबित किया गया है। इस दौरान अस्पताल आयुष्मान योजना के अंतर्गत नए मरीजों को भर्ती नहीं कर सकेगा।
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