
नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा। कम कैरेट के सोने को 22 कैरेट बताकर लोगों को बेचने और गोल्ड लोन कंपनियों में गिरवी रखकर ऋण हासिल करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में कोरबा, रायपुर और दिल्ली के चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों ने 18 कैरेट का सोने का लाकेट 22 कैरेट बताकर एक व्यक्ति को 45 हजार रुपये में बेच दिया था। जांच कराने पर सोने की शुद्धता कम निकली, जिसके बाद धोखाधड़ी का मामला सामने आया। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से सोने के आभूषण, नकदी, डिजिटल तौल मशीन, बैंक जमा पर्ची और वारदात में इस्तेमाल कार जब्त की है।
पुलिस ने बताया कि ग्राम कोरबी धतुरा निवासी संजय श्रीवास (46) ने सिविल लाइन रामपुर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि गांव के इंद्रेश साहू ने उसे 3.75 ग्राम वजन का 22 कैरेट सोने का लाकेट होने की जानकारी दी थी। इसकी कीमत 49 से 50 हजार रुपये बताते हुए 45 हजार रुपये में देने का सौदा किया गया। 28 अक्टूबर को इंद्रेश अपने साथियों के साथ सफेद कार से घंटाघर के पास पहुंचा और संजय से 45 हजार रुपये लेकर लाकेट दे दिया।
संदेह होने पर संजय ने इसकी जांच दिव्य ज्वेलर्स में कराई। जांच में लाकेट 22 कैरेट के बजाय 18 कैरेट का निकला। इसके बाद उसने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। शिकायत के बाद पुलिस ने लाकेट जब्त कर प्रार्थी से मिली जानकारी के आधार पर घेराबंदी की। मुख्य आरोपित इंद्रेश कुमार साहू को उसके तीन साथियों के साथ घटना में प्रयुक्त आई-10 कार समेत पकड़ा गया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपित आपस में समन्वय बनाकर सोने के आभूषणों की खरीद-बिक्री और आपूर्ति करते थे। वे 18 या 20 कैरेट शुद्धता वाले आभूषणों को 22 कैरेट का बताकर ग्राहकों को बेचते थे। इसके अलावा कम शुद्धता वाले आभूषणों को अधिक कैरेट का बताकर विभिन्न गोल्ड लोन संस्थाओं में गिरवी रखते और ऋण हासिल करते थे। इससे होने वाली कमाई आपस में बांट लेते थे।
पुलिस की विवेचना में मणप्पुरम फाइनेंस, जना बैंक, आइएफएल समेत अन्य वित्तीय संस्थाओं में सोने के आभूषण गिरवी रखकर ऋण लेने के तथ्य सामने आए हैं। पुलिस अब जब्त आभूषणों की वास्तविक शुद्धता, हालमार्क की सत्यता, उनके स्रोत और संबंधित वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
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आरोपित इंद्रेश कुमार साहू से 2100 रुपये नकद और 40 हजार रुपये की एसबीआई एटीएम जमा पर्ची जब्त की गई है। लिलेश्वर सिन्हा से एक हजार रुपये नकद मिले। मनीष देवांगन से वारदात में इस्तेमाल हुंडई आई-10 कार (सीजी 05 एई 8013) जब्त की गई। वहीं आशीष गर्ग के कब्जे से दो सोने के लाकेट (7.89 ग्राम), दो जोड़ी सोने की झुमकी (13.40 ग्राम), दो महिला अंगूठियां (6.54 ग्राम), एक पुरुष अंगूठी (3.80 ग्राम) और बैटरी से चलने वाली मिनी डिजिटल तौल मशीन बरामद की गई। झुमकी और महिला अंगूठियों की शुद्धता 20 कैरेट बताई गई है।
गिरफ्तार आरोपितों में इंद्रेश कुमार साहू उर्फ हरिओम (31) निवासी कोरबी धतुरा थाना हरदीबाजार, लिलेश्वर सिन्हा (52) निवासी पार्वती नगर गुढ़ियारी रायपुर, मनीष देवांगन उर्फ राहुल (47) निवासी सुंदरनगर डीडी नगर रायपुर और आशीष गर्ग उर्फ आशु (29) निवासी नरेला नार्थ वेस्ट दिल्ली शामिल हैं। चारों को 29 अक्टूबर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।