
कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। बिजली संयंत्रों से निकलने वाली राख को यहां वहां सार्वजनिक स्थल पर फेंके जाने की वजह से हो रहे प्रदूषण को राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने संज्ञान में लेते हुए शुक्रवार को स्थल निरीक्षण का एलान किया। इसके साथ ही दूसरी ओर रातों-रात रिस्दी- बाल्को मार्ग में फैले राख को जेसीबी से समेटने का काम शुरू कर दिया गया।
लो-लाइन एरिया के नाम पर नियम विरूद्ध परिवहन कंपनियां बिजली संयंत्रों के डैम से राखड़ निकाल कर सड़क किनारे डंप कर रहे हैं। इसकी वजह से न केवल वायु बल्कि जल प्रदूषण भी फैल रहा। दिन-ब- दिन विकराल होती प्रदूषण की समस्या को देखते हुए राजस्व मंत्री ने सात अप्रैल को राखड़ डंप स्थलों में पहुंच कर निरीक्षण करने की बात कही है। एनजीटी के नियमों के विपरित राख डिस्पोजल की वजह से नागरिकों के स्वास्थ्य एवं जनजीवन पर पड़ रहा है। मंत्री अग्रवाल सुबह 11 बजे बाल्को साप्ताहिक बाजार एवं पालिटेक्निक कालेज के मध्य स्थित राखड़ बांध का निरीक्षण करने के बाद 11.30 बजे रिस्दी में देबू को आबंटित भूमि में राखड़ डंपिंग का निरीक्षण करेंगे। तदुपरांत 12 बजे मानिकपुर खदान में राखड़ भराव क्षेत्र का जायजा लेंगे। राजस्व मंत्री ने कलेक्टर को पत्र लिख कर कहा है कि निरीक्षण के समय पर आप स्वयं एवं संबंधित क्षेत्र के उपक्रमों के अधिकारी नगर निगम आयुक्त, पर्यावरण विभाग व इससे संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित किया जाए। पत्र में कहा है कि आंधी- तूफान चलने की वजह से निर्वाचन क्षेत्रांतर्गत हर घर में राखड़ पहुंच रही है, इससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत विद्युत गृहों से निकलने वाली फ्लाई एश का परिवहन व भराव नियम के विरुद्ध संचालित किया जा रहा है। मंत्री के स्थल निरीक्षण की जानकारी सामने आते ही रिस्दी से बाल्को जाने वाले मार्ग में ढेंगुरनाला के पास सड़क किनारे पड़े राख को रात में ही जेसीबी लगा कर ठेका कंपनी किनारे करने में जुट गई। यहां बताना होगा कि इसके पहले भी राजस्व मंत्री भिलाईखुर्द के पास राख डंप करने पर नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं।