
नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा। ‘आज जेल होई, कल बेल होई, परसों से उहे खेल होई...।’ भोजपुरी गीत की यह पंक्ति कोरबा की एक महिला पर कुछ इस कदर चढ़ी कि उसने कोतवाली थाना परिसर को ही रील की शूटिंग का ठिकाना बना लिया। मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर थाना कक्ष के दरवाजे तक भोजपुरी गीत पर ठुमके लगाए और वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।
11 सितंबर की शाम करीब छह बजे ‘उमा बेबी 11’ नामक फेसबुक अकाउंट से रील अपलोड की गई। इसमें सलवार-सूट पहनी महिला कोतवाली परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार पर गाने पर डांस करती नजर आई। इसके बाद वीडियो का अगला दृश्य थाना कक्ष के दरवाजे तक पहुंच गया, जहां महिला ठुमके लगाती दिखाई दी। रील सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया।
जांच में वीडियो बनाने वाली महिला की पहचान उषा मिश्रा के रूप में हुई। कोतवाली प्रभारी प्रेमचंद के अनुसार वह पहले पुरानी बस्ती में मछली मार्केट के पास रहती थी, लेकिन वर्तमान में सीतामढ़ी क्षेत्र में रह रही है। पुलिस ने उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 135 और 126 के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि महिला के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है।
इसके बाद महिला ने एक नया वीडियो जारी कर अपने किए पर माफी मांगी है। उसने कहा कि उससे गलती हुई और भविष्य में वह इस तरह का वीडियो नहीं बनाएगी। महिला ने लोगों से यह अपील भी की है कि उसके द्वारा बनाया गया कोतवाली परिसर का वीडियो कोई भी आगे वायरल या प्रसारित न करे।
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मामले में सबसे बड़ा सवाल कोतवाली परिसर की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर खड़ा हुआ है। थाना परिसर संवेदनशील स्थान माना जाता है, जहां आमतौर पर प्रवेश और गतिविधियों पर निगरानी रहती है। इसके बावजूद महिला मुख्य प्रवेश द्वार से अंदर पहुंची, वहां रील बनाई और फिर थाना कक्ष के दरवाजे तक जाकर डांस किया। पूरी गतिविधि कैमरे में कैद हुई और सोशल मीडिया तक पहुंच गई।
ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब महिला रील बनाने में व्यस्त थी, तब ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी। क्या थाना परिसर में प्रवेश और वहां होने वाली गतिविधियों की निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। कार्रवाई के बाद अब महिला ने माफी मांग ली है, लेकिन इस घटना ने कोतवाली की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर सवाल जरूर छोड़ दिए हैं।