
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। सोनहत के ग्राम नवगई में रेत कारोबार और इलाके में अपना दबदबा कायम करने की सनक ने ऐसा खूनी रूप लिया कि तीन लोगों की जिंदा जलने और बेरहमी से पीटे जाने के कारण मौत हो गई। यह पूरी वारदात किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी बेहद खौफनाक और सोची-समझी साजिश का हिस्सा नजर आती है।
आइए जानते हैं कि आखिर 16 जून की उस काली रात को नवगई गांव में क्या हुआ था और कैसे इस वारदात को अंजाम दिया गया।

सोमवार 16 जून की रात, सोनहत जनपद के पूर्व उपाध्यक्ष और बड़े क्रशर कारोबारी भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह अपने कुछ रिश्तेदारों और परिचितों के साथ तीन गाड़ियों में सवार होकर गांव की तरफ जा रहे थे। वो इलाके में रेत घाट से जुड़े किसी विवाद को सुलझाने या बातचीत करने निकले थे। लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि सामने उनका काल खड़ा है।
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रेत कारोबार में हिस्सेदारी और कमीशन को लेकर दूसरे पक्ष के भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी और लल्ला सिंह के बीच महीनों से वर्चस्व की जंग सुलग रही थी। उस रात यह दुश्मनी अपने सबसे क्रूर मोड़ पर पहुंच गई।
रास्ते में लल्ला सिंह और त्रिपाठी परिवार का आमना-सामना हो गया। हमलावरों ने पूरी तैयारी कर रखी थी। लल्ला सिंह जिस फॉर्च्यूनर कार में सवार थे, उसे हमलावरों ने चारों तरफ से घेर लिया। चश्मदीदों और पुलिस जांच के मुताबिक, हमलावरों ने अपनी गाड़ियों (टिपरो/ट्रकों) को फॉर्च्यूनर के आगे और पीछे इस तरह अड़ा दिया कि कार के निकलने का कोई रास्ता न बचे।

इसके बाद टिपर से फॉर्च्यूनर पर कई बार जोरदार टक्कर मारी गई। इस टक्कर का मकसद कार को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि उसके दरवाजों को पूरी तरह जाम कर देना था, ताकि अंदर बैठे लोग किसी भी कीमत पर बाहर न निकल सकें। दरवाजे जाम करने के तुरंत बाद हमलावरों ने कार पर पेट्रोल छिड़क दिया और माचिस मार दी।
कार देखते ही देखते आग का गोला बन गई। गाड़ी के भीतर चीख-पुकार मच गई। आग की लपटों के बीच जो लोग जान बचाने के लिए कार की खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, बाहर खड़े आरोपी उन पर लाठी-डंडे और धारदार हथियारों से टूट पड़े। उन्हें बाहर ही बेरहमी से पीटा गया ताकि वे बच न सकें।

इस खौफनाक कांड के बाद पूरे सोनहत क्षेत्र में सन्नाटा और भारी तनाव पसरा हुआ है। घटना की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा खुद भारी पुलिस बल के साथ रात में ही मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक की टीम मौके से साक्ष्य जुटा रही है।

पुलिस ने मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी समेत 7 लोगों पर नामजद मामला दर्ज किया है। वारदात में शामिल चार आरोपियों अक्षत त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, मन्नू त्रिपाठी और विशाल त्रिपाठी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अपना मोबाइल बंद कर फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
वारदात के बाद से ही पूरे सोनहत क्षेत्र में पसरा सन्नाटा और तनाव इस बात की तस्दीक कर रहा है कि यह आग अभी पूरी तरह बुझी नहीं है। पुलिस भले ही चार आरोपियों को हिरासत में लेकर अपनी पीठ थपथपा रही हो, लेकिन मुख्य आरोपियों का फरार होना और उनके मोबाइल का स्विच ऑफ हो जाना कई बड़े सवाल खड़े करता है।