
नईदुनिया प्रतिनिधि, महासमुंद: महासमुंद पुलिस ने जिले की दो सबसे बड़ी आपराधिक घटनाओं सांकरा थाना क्षेत्र के ग्राम बल्दीडीह में हुई बड़ी चोरी और गरियाबंद जिले के चरौदा में हुई डकैती का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों के कब्जे से 93.33 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि इस संगठित अपराध का मास्टरमाइंड अनसुला निवासी हेमंत उर्फ कान्हा अग्रवाल है। हेमंत ने पहले सांकरा के ग्राम बल्दीडीह में अपने सगे चाचा के घर चोरी करवाई और बाद में गरियाबंद जिले के चरौदा में अपनी सगी बहन के ससुराल में डकैती डलवाई। उसने परिवार की पूरी रेकी कर बाहरी अपराधियों की मदद से वारदात को अंजाम दिया, ताकि उस पर किसी को शक न हो।
सोमवार को एसपी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में आईजी अमरेश मिश्रा ने बताया कि यह सफलता महासमुंद पुलिस की सतर्कता और मजबूत मुखबिर तंत्र का परिणाम है। एसपी प्रभात कुमार के नेतृत्व में गठित छह विशेष पुलिस टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल टावर लोकेशन और संदिग्धों की गतिविधियों का गहन विश्लेषण किया।
जांच के दौरान झलप निवासी शुभम साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद पूरे गिरोह की संरचना और भूमिका सामने आती चली गई।
पुलिस ने आरोपितों के पास से 471 ग्राम सोना (कीमत लगभग 68.8 लाख रुपये), 1.4 किलोग्राम चांदी (कीमत करीब 4 लाख रुपये) और चोरी की रकम से खरीदी गई टाटा नेक्सान और मारुति स्विफ्ट कार जब्त की हैं। कुल जब्त संपत्ति का मूल्य 93.33 लाख रुपये आंका गया है।
आईजी अमरेश मिश्रा ने बताया कि उन ज्वेलर्स के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है, जिन्होंने जानते-बूझते चोरी के जेवरात खरीदे। उन्होंने पुलिस टीम के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि साक्ष्य संकलन और गिरफ्तारी की प्रक्रिया बेहद पेशेवर रही।
गिरफ्तार आरोपितों में हेमंत अग्रवाल, शुभम साहू, रौनक सलूजा, योगेश साहू और दीपक चंद्रवंशी शामिल हैं। एसपी प्रभात कुमार ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जिले में किसी भी प्रकार के संगठित अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।