
नईदुनिया प्रतिनिधि, महासमुंद। नगर के वार्ड-चार, मां शारदा मंदिर के समीप तुमगांव रोड पर चल रहे निर्माण कार्यों ने स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रविवार को नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू ने जब निर्माण स्थल का निरीक्षण किया, तो लोक निर्माण विभाग (PWD) और ठेकेदार की बड़ी लापरवाही उजागर हुई। गुणवत्ताहीन निर्माण के चलते क्षेत्र का जल स्रोत पूरी तरह दूषित हो चुका है।
सड़क चौड़ीकरण और नाली निर्माण में बरती जा रही अनियमितता के कारण नाली का दूषित पानी रिसकर आसपास के घरों के कुएं और बोरवेल में मिल गया है। हालत यह है कि पीने के पानी में बदबू और झाग साफ नजर आ रहा है, जिससे यह किसी भी उपयोग के लायक नहीं बचा है। इस दूषित जल के कारण क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत पर जमकर आक्रोश व्यक्त किया। निवासियों का आरोप है कि कार्यपालन अभियंता शेखर चंद्राकर का ठेकेदारों पर कोई नियंत्रण नहीं है और विभाग के कर्मचारी बेलगाम हो चुके हैं। साइट इंजीनियर मौके पर नजर नहीं आते और मुख्य ठेकेदार ने काम पेटी (सब-लेट) पर देकर पल्ला झाड़ लिया है। लोगों की शिकायतों को लगातार अनसुना किया जा रहा है, जिससे निर्माण कार्य पूरी तरह मनमर्जी से चल रहा है।
निर्माण कार्य के दौरान धूल प्रबंधन न होने से तुमगांव मार्ग पर राहगीरों और निवासियों का बुरा हाल है। उड़ती धूल के कारण लोग श्वांस रोगों से पीड़ित हो रहे हैं। घरों की छतों पर रखी खाद्य सामग्री खराब हो रही है और धोए हुए कपड़े सूखने से पहले ही धूल की चपेट में आकर गंदे हो रहे हैं। निर्माण एजेंसी धूल रोकने के लिए पानी के छिड़काव जैसे जरूरी इंतजाम करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू ने पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता शेखर चंद्राकर से फोन पर चर्चा कर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश देते हुए कहा कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, जब इस मामले में ईई शेखर चंद्राकर का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।