महासमुंद के तमोरा में वन अमले पर हमला, रेंजर समेत दो अधिकारी पांच घंटे बंधक रहे, पुलिस ने कराया मुक्त
महासमुंद जिले के वनपरिक्षेत्र बागबाहरा के तमोरा क्षेत्र में वनभूमि पर अतिक्रमण के मामले में कार्रवाई करने पहुंचे वन अमले पर कथित रूप से लाठी-डंडों से ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 07 Oct 2026 09:09:41 PM (IST)Updated Date: Wed, 07 Oct 2026 09:09:41 PM (IST)
HighLights
- सूचना पर स्टाफ के साथ गश्त कर रहे थे
- दोनों अधिकारियों के साथ मारपीट का आरोप
- आरोपितों ने अधिकारियों को छोड़ने से इनकार किया
नईदुनिया प्रतिनिधि, महासमुंद। वनपरिक्षेत्र बागबाहरा के तमोरा क्षेत्र में वनभूमि पर अतिक्रमण के मामले में कार्रवाई करने पहुंचे वन अमले पर कथित रूप से लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। वनपरिक्षेत्राधिकारी नवीन वर्मा और उपवनक्षेत्रपाल नवीन शर्मा के साथ मारपीट कर उन्हें करीब पांच घंटे तक बंधक बनाए रखने का आरोप है। दोनों अधिकारियों को बाद में पुलिस एवं वन अमले ने सुरक्षित मुक्त कराया।
सूचना पर स्टाफ के साथ गश्त कर रहे थे
वन विभाग के अनुसार 6 अक्टूबर की रात वनपरिक्षेत्राधिकारी नवीन वर्मा अपने स्टाफ के साथ ढोड परिसर के कक्ष क्रमांक 95-96 में जंगली सुअर के अवैध शिकार एवं वन्य मांस के अवैध विक्रय की सूचना पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान तमोरा क्षेत्र में वनभूमि पर अतिक्रमण करने वाले कुछ लोगों ने वन अमले को घेर लिया।
दोनों अधिकारियों के साथ मारपीट का आरोप
आरोपितों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की धमकी दी। संख्या अधिक होने पर कुछ कर्मचारी सुरक्षित स्थान पर चले गए, जबकि रेंजर और उपवनक्षेत्रपाल मौके पर रह गए। आरोप है कि दोनों अधिकारियों के साथ मारपीट की गई, जिससे उन्हें चोटें आईं।
रेंजर का पर्स और उपवनक्षेत्रपाल का मोबाइल भी छीन लिया गया। इसके बाद दोनों को तमोरा वनखंड से लगे खेत के एक मकान में ले जाकर शाम करीब 7:30 से रात 12:30 बजे तक बंधक रखा गया।
आरोपितों ने अधिकारियों को छोड़ने से इनकार किया
सूचना मिलने पर पुलिस और वन अमला मौके पर पहुंचा। समझाइश के बावजूद आरोपितों ने अधिकारियों को छोड़ने से इनकार किया। इसके बाद सुरक्षा घेरे में दोनों अधिकारियों को बाहर निकाला गया और उनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।
आरोपों की जांच, एफआईआर दर्ज
वन विभाग ने बताया कि मामले में शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट, धमकी, सामान छीनने और बंधक बनाने के आरोपों की जांच की जा रही है। क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर पूर्व में भी वन अपराध प्रकरण और एफआईआर दर्ज होने की जानकारी विभाग ने दी है।