
नईदुनिया न्यूज, मुंगेली। सरगांव-पेंड्री स्थित गणेश मिनरल्स राइस मिल में राजस्व विभाग, खाद्य विभाग एवं सहकारिता विभाग के संयुक्त दल द्वारा आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान प्वाइंटर्स के माध्यम से मिल में भंडारित धान की मात्रा का भौतिक सत्यापन कराया गया। जांच प्रक्रिया के दौरान सीसीटीवी रिकार्डिंग से संबंधित कोई भी दस्तावेज या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया तथा कैमरे पुनः चालू नहीं किए गए।
साथ ही जांच दल के राइस मिल पहुंचते ही मिल के कर्मचारियों द्वारा सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए। इस गंभीर लापरवाही और संदेहास्पद स्थिति को देखते हुए मौके पर ही सीसीटीवी डीवीआर जब्त कर लिया गया। इस पर मिल को सील कर दिया गया।
मिल प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत ऑनलाइन रिपोर्ट के अनुसार गणेश मिनरल्स राइस मिल में कुल दो लाख 41 हजार 896 कट्टी धान का भंडारण दर्ज था, जबकि संयुक्त दल द्वारा कराए गए भौतिक सत्यापन में मिल के गोदामों में मात्र एक लाख 97 हजार 458 कट्टी धान ही पाया गया।
इस प्रकार ऑनलाइन रिपोर्ट की तुलना में 44 हजार 438 कट्टी धान, लगभग 17 हजार 775.2 क्विंटल कम पाया गया। जांच के दौरान मिल के मैनेजर एवं कर्मचारियों से इस बड़े अंतर के संबंध में पूछताछ की गई, लेकिन कोई भी संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
किसी भी स्तर पर कमी का स्पष्ट कारण नहीं बता पाने से मिल परिसर में भारी मात्रा में धान की हेराफेरी किए जाने की प्रबल आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार कम पाए गए धान की अनुमानित कीमत लगभग 5.5 करोड़ रुपये आंकी गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर गणेश मिनरल्स राइस मिल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। साथ ही आगे की विस्तृत जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि धान उपार्जन एवं भंडारण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस कार्रवाई में संयुक्त दल के रूप में तहसीलदार सरगांव अतुल वैष्णव, नायब तहसीलदार सरगांव लीलाधर क्षत्रिय, खाद्य निरीक्षक दीपाली सिंह, मंडी उप निरीक्षक शुभम पैकरा तथा पटवारी रमेश कौशिक शामिल रहे।