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पुलिस ने लंका तक बना दी सड़क, 30 से अधिक गांवों को मिलेगा लाभ

बस्तर के अबूझमार क्षेत्र में पुलिस विकास कार्य भी कर रही है। बीजापुर जिले में पुलिस ने ओरछा-आदेर मार्ग से बेदरे की सीमा पर स्थित ग्राम लंका तक सड़क बन...और पढ़ें

By Anup SrivastavaEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Sun, 30 Nov 2025 01:27:33 PM (IST)Updated Date: Sun, 30 Nov 2025 01:45:45 PM (IST)
पुलिस ने लंका तक बना दी सड़क, 30 से अधिक गांवों को मिलेगा लाभ
पुलिस ने लंका गांव तक सड़क का निर्माण किया

HighLights

  1. लंका में नया सुरक्षा व जन-सुविधा कैंप स्थापित किया गया
  2. मुख्यालय से 130 किमी और थाना ओरछा से 65 किमी दूर
  3. पुलिस ने लंका गांव को सड़क कनेक्टिविटी से जोड़ दिया है

नईदुनिया प्रतिनिधि, नारायणपुर: पुलिस ने माओवाद प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास का नया अध्याय जोड़ते हुए ओरछा-आदेर मार्ग से बेदरे (जिला बीजापुर) की सीमा तक स्थित ग्राम लंका को सड़क कनेक्टिविटी से जोड़ दिया है। माड़ बचाव अभियान के तहत लंका में नया सुरक्षा व जन-सुविधा कैंप स्थापित किया गया है, जिससे 30 से अधिक गांवों के हजारों लोगों के जीवन में पहली बार तेजी से बदलाव की उम्मीद जगी है।

बता दें कि ग्राम लंका इंद्रावती नदी के किनारे बसे होने के कारण वर्षों से माओवादियों का प्रभाव क्षेत्र माना जाता रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नारायणपुर पुलिस, डीआरजी और आइटीबीपी द्वारा संचालित निरंतर अभियानों के बाद इस संवेदनशील क्षेत्र में कैंप स्थापित करने में सफलता मिली।


यह स्थान जिला मुख्यालय से 130 किमी और थाना ओरछा से 65 किमी दूर है। कैंप स्थापित होने से अंगमेटा, कुमरमेटा, पुसलंका, बुरी, जपमरका सहित कई गांवों तक सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, चिकित्सा और मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार का रास्ता खुल गया है।

ग्रामीणों में सुरक्षा का विश्वास बढ़ा है और विकास कार्यों की गति तेज होने की उम्मीद है। वर्ष 2025 में नारायणपुर पुलिस ने कुतुल, कोडलियर, पदमकोट, कुड़मेल, आदेर, जाटलूर, पदमेटा और लंका सहित कई माओवाद प्रभावित इलाकों में नए कैंप खोलकर क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

यह भी पढ़ें- Maoist Surrender: MMC जोनल समिति प्रवक्ता अनंत समेत 10 माओवादी मुख्यधारा में लौटे, कुछ दिन पहले दिया था 'शांति प्रस्ताव'

पिछले कुछ दशकों से माओवाद का दंश झेल रहा बस्तर अन्य इलाकों से काफी पिछड़ चुका है। माओवाद से प्रभावित होने के कारण इस क्षेत्र का विकास नहीं हो पाया है। बस्तर संभाग में लोगों को सड़क, स्कूल और अस्पताल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पायी हैं। अब माओवाद के खात्मे के साथ धीरे-धीरे इस क्षेत्र का विकास हो रहा है। अधिकांश इलाकों को सड़कों से जिला मख्यालय के साथ जोड़ा जा रहा है। क्षेत्र में लगातार विकास कार्य जारी है।