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नसबंदी के बाद कुत्तों को बिरयानी? रायगढ़ में कुत्ता नसबंदी योजना पर सत्ता-विपक्ष आमने-सामने

रायगढ़ नगर निगम के आवारा कुत्तों की नसबंदी और उनके आहार को लेकर सियासी विवाद तेज़ हो गया है। महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि कमजोर कुत्तों को नसबंदी के...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Fri, 09 Jan 2026 04:53:19 AM (IST)Updated Date: Fri, 09 Jan 2026 04:53:19 AM (IST)
नसबंदी के बाद कुत्तों को बिरयानी? रायगढ़ में कुत्ता नसबंदी योजना पर सत्ता-विपक्ष आमने-सामने
रायगढ़ में नगर निगम द्वारा आवारा कुत्तों की नसबंदी और आहार को लेकर विवाद छिड़ गया। File Photo

HighLights

  1. रायगढ़ में आवारा कुत्तों की नसबंदी जारी
  2. विपक्ष ने महापौर के बयान पर गंभीर सवाल उठाए
  3. नगर निगम ने भिलाई के एनजीओ को जिम्मेदारी दी

नवदुनिया प्रतिनिधि, रायगढ़: रायगढ़ नगर निगम के आवारा कुत्तों की नसबंदी और उनके आहार को लेकर शहर में विवाद खड़ा हो गया है। महापौर जीवर्धन चौहान ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में आवारा कुत्तों का बधियाकरण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान उन्हें बताया गया कि नसबंदी के बाद कुत्ते दो दिन तक कुछ नहीं खाते। ऐसे कमजोर कुत्तों को विशेष आहार के तौर पर बिरयानी खिलाई जाती है।

महापौर का यह बयान अलग तरीके से तोड़-मरोड़कर पेश किया जाने लगा, जिसके बाद विपक्ष के नेताओं ने इसे भ्रष्टाचार और अनावश्यक खर्च बताया। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी आवारा कुत्तों के आहार और खर्च पर पारदर्शिता नहीं दिखा रही है।


रायगढ़ में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और गली-मोहल्लों में इनके झुण्ड देखे जा सकते हैं। सड़कों पर झुण्ड बना कर घूमते कुत्तों की वजह से दुर्घटनाओं की घटनाएँ भी सामने आ रही हैं। इसी कारण शासन ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को आदेश जारी किया है कि वे स्कूल के आसपास आवारा कुत्तों पर नजर रखें और यदि कुत्ते मंडरा रहे हों तो उन्हें खदेड़ें।

नगर निगम ने इस समस्या को नियंत्रित करने के लिए भिलाई के एक एनजीओ को जिम्मेदारी सौंपी है। एनजीओ कुत्तों को ट्रांसपोर्ट नगर लाकर नसबंदी करता है और दो दिनों तक उन्हें वहां रखकर स्वास्थ्य स्थिति की जांच करता है। नसबंदी और स्वास्थ्य देखभाल की निगरानी के लिए तीन डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है।

महापौर जीवर्धन चौहान ने स्पष्ट किया, “मैं बधियाकरण का निरीक्षण करने गया था। टीम ने मुझे कुत्तों की नसबंदी, खान-पान और उपचार की जानकारी दी। कुछ कुत्ते नसबंदी के बाद एक-दो दिन तक खाना नहीं खाते हैं, इसलिए उनको बिरयानी दी जाती है। इस बयान को अलग तरीके से तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।”

नगर निगम रायगढ़ ने आवारा कुत्तों की बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए बजट भी तय किया है। इस राशि के तहत एनजीओ को समुचित व्यवस्था करने और कुत्तों के स्वास्थ्य का ध्यान रखने का निर्देश दिया गया है। शहर में इस समस्या को लेकर अभी भी बहस जारी है और राजनीतिक बयानबाजी तेज़ है।

शहर में आवारा कुत्तों की नसबंदी की जा रह है। इसके लिए बजट भी तय किया गया है। इस राशि में एनजीओ को समुचित व्यवस्था करना है। बधियाकरण का निरीक्षण करने मैं गया था, वहां टीम से कुत्तों की नसबंदी, खान-पान व उपचार की जानकारी दी। यह भी बताया गया कि कुछ कुत्ते नसबंदी के बाद एक-दो दिन खाना नहीं खाते है, तो उनको बिरयानी खिलाया जाता है। बिरयानी खिलाने वाले बयान को अलग तरीके से तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया है।

- जीवर्धन चौहान महापौर, नगर निगम रायगढ़।