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रायगढ़: बोर्ड परीक्षा रिजल्ट सुधारने कलेक्टर ने बनाई ठोस योजना, दिसंबर तक कोर्स पूरा करने के निर्देश

रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने के निर्देश दिए। दिसंबर तक पाठ्यक्रम पूरा करने, कमजोर छा...और पढ़ें

By VISHWANATH RAYEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Tue, 13 Oct 2026 07:08:19 PM (IST)Updated Date: Tue, 13 Oct 2026 07:08:19 PM (IST)
रायगढ़: बोर्ड परीक्षा रिजल्ट सुधारने कलेक्टर ने बनाई ठोस योजना, दिसंबर तक कोर्स पूरा करने के निर्देश
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी जिला शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक

HighLights

  1. बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने ठोस कार्ययोजना बनाएं, दिसंबर तक सिलेबस पूरा।
  2. कमजोर छात्रों के लिए मेंटर शिक्षक, अतिरिक्त कक्षाएं।
  3. आश्रम-छात्रावासों में स्वास्थ्य, सुरक्षा और पोषण पर विशेष ध्यान।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायगढ़: कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने जिला शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में जिले की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति तथा कक्षा 10वीं एवं 12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणामों को बेहतर बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक क्षमता के अनुरूप मार्गदर्शन उपलब्ध कराते हुए कमजोर विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार किया जाए तथा मेधावी विद्यार्थियों को राज्य स्तरीय मेरिट सूची में स्थान दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।

बैठक में कलेक्टर ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के परीक्षा परिणामों में सुधार को प्राथमिकता देते हुए त्रैमासिक परीक्षा के परिणामों का विश्लेषण करने और अनुत्तीर्ण एवं कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। ऐसे विद्यार्थियों के लिए मेंटर शिक्षक नियुक्त करने, अतिरिक्त रेमेडियल कक्षाएं संचालित करने तथा महत्वपूर्ण प्रश्नों की श्रृंखला तैयार कर नियमित अभ्यास कराने को कहा। वहीं, मेधावी विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएं संचालित कर उनकी प्रतिभा को निखारने और उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया।


कलेक्टर ने सभी विद्यालयों में निर्धारित समय-सीमा के अनुसार पाठ्यक्रम पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2026 तक पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि विद्यार्थियों को पुनरावृत्ति और परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

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विद्यालयों में यूनिट टेस्ट का नियमित एवं सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करने के साथ ही प्राप्त परिणामों का विश्लेषण कर विद्यार्थियों की सीखने संबंधी कमियों को दूर करने के निर्देश भी दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीकांत दुबे, जिला शिक्षा अधिकारी श्यामानंद साहू सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

स्मार्ट क्लास की स्थिति सुधारने पर जोर

बैठक में विद्यालयों में संचालित स्मार्ट क्लास की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने खराब अथवा बंद स्मार्ट क्लास की विद्यालयवार सूची तैयार कर जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यक मरम्मत कराकर उन्हें शीघ्र पुनः क्रियाशील किया जा सके। उन्होंने विषय शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों में स्थानीय स्तर पर योग्य एवं प्रशिक्षित युवाओं, सेवानिवृत्त शिक्षकों तथा कॉलेज के विद्यार्थियों का सहयोग लेकर अध्यापन व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, जिससे निर्धारित समय पर पाठ्यक्रम पूरा किया जा सके।

शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यार्थियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण

कलेक्टर ने सभी शिक्षकों को विद्या समीक्षा केंद्र से संबंधित निर्देशों का पालन करते हुए उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही विद्यार्थियों की समस्याओं, शंकाओं एवं सुझावों को प्राप्त करने तथा उनका त्वरित निराकरण करने के लिए व्हाट्सएप चैट ग्रुप बनाने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को समय पर आवश्यक शैक्षणिक मार्गदर्शन मिल सके।

कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों एवं विद्यालयों के संस्था प्रमुखों को निर्देशित किया कि सभी बिंदुओं पर गंभीरता से कार्यवाही करते हुए निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य हासिल करें तथा शैक्षणिक गतिविधियों की नियमित समीक्षा कर विद्यार्थियों के परीक्षा परिणामों में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित करें।

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आश्रम एवं छात्रावासों में स्वास्थ्य, सुरक्षा और पोषण पर दें विशेष ध्यान-कलेक्टर

आदिवासी विकास विभाग की समीक्षा बैठक में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक परिवेश उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

रायगढ़: आश्रम एवं छात्रावासों में निवासरत बच्चे अपने बेहतर भविष्य के सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ते हैं। ऐसे में उन्हें सुरक्षित वातावरण, पौष्टिक भोजन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आश्रम एवं छात्रावासों में बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और पोषण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी आज जिला कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आदिवासी विकास विभाग की समीक्षा बैठक ले रहे थे।

बैठक में उन्होंने विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आश्रम-छात्रावासों के सुव्यवस्थित संचालन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने आश्रम एवं छात्रावासों के संचालन, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता तथा नियमित निरीक्षण की स्थिति की समीक्षा की।

उन्होंने छात्रावासों में बाउंड्रीवॉल, सुरक्षा गार्ड की तैनाती और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को छात्रावासों का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण मिल सके।

पोषण वाटिका में उगाएं हरी सब्जियां, नियमित हो स्वास्थ्य परीक्षण

बच्चों के बेहतर पोषण पर जोर देते हुए कलेक्टर ने आश्रम एवं छात्रावासों में पोषण वाटिका विकसित करने तथा मुनगा सहित विभिन्न हरी सब्जियों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही विद्यार्थियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने और उनके स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति पर विशेष निगरानी रखने को कहा।

कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी बौद्धिक क्षमता, रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने आश्रम एवं छात्रावासों में ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार करने पर जोर दिया, जिससे बच्चों की प्रतिभा निखरे और उन्हें आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलें।

छात्रवृत्ति, प्रवेश और शैक्षणिक सुविधाओं की भी हुई समीक्षा

बैठक में छात्रवृत्ति एवं शिष्यवृत्ति वितरण, जवाहर उत्कर्ष योजना के अंतर्गत प्रवेश की स्थिति, प्रयास विद्यालय में पुस्तक व्यवस्था तथा एकलव्य विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता, आवश्यक सामग्री और गणवेश वितरण सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों को निर्धारित सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।