नईदुनिया प्रतिनिधि, रायगढ़: रायगढ़ जिले में फरार एवं लंबित आरोपितो तथा फरार वारंटियों की पतासाजी एवं गिरफ्तारी के लिए 'आपरेशन क्लीन हंट' चलाया जा रहा है। जिसमें घरघोड़ा पुलिस ने चिटफंड कंपनी के फरार डायरेक्टर को जशपुर से हिरासत में लेकर रायगढ़ लाने में सफलता हासिल की है, आरोपित ने निवेशकों को कम समय में ज्यादा रकम देने का झांसा देकर लाखों रुपये जमा, करने के बाद कंपनी को बंद करके फरार हो गए थे।
प्रार्थी लालबाबू गुप्ता, निवासी नवापारा घरघोड़ा, द्वारा थाना घरघोड़ा में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि नवापारा घरघोड़ा में राजकुमार कोसे द्वारा शुष्क इंडिया लिमिटेड नामक कंपनी संचालित की जा रही थी।
कम समय में ज्यादा पैसे का लालच
कंपनी के माध्यम से लोगों को कम समय में अधिक रकम देने का लालच देकर पैसा जमा कराया जाता था। प्रार्थी ने भी कंपनी की बातों में आकर वर्ष 2012 से अपने तथा अपने पति/पिता बसंती गुप्ता के नाम पर प्रतिमाह 601 रुपये की दर से रकम जमा करना शुरू किया था। इसी प्रकार वार्ड के कई अन्य लोगों ने भी मासिक एवं फिक्स डिपॉजिट के रूप में कंपनी में रकम जमा की थी।
2016 में दफ्तर बंद कर फरार
वर्ष 2016 में राजकुमार कोसे बिना निवेशकों की रकम वापस किए नवापारा घरघोड़ा से फरार हो गया। बाद में उसके वापस आने पर निवेशकों द्वारा रकम वापस मांगी गई तो कंपनी बंद होने तथा कंपनी के ऊपर केस चलने की बात कहकर रकम वापस करने से इंकार कर दिया गया।
इस प्रकार कंपनी संचालक द्वारा कई लोगों को कम समय में अधिक रकम देने का झांसा देकर पैसा जमा कराया गया तथा निवेशकों को बांड पेपर भी दिए गए। कंपनी बंद होने के बाद रकम वापस नहीं करने की शिकायत पर थाना घरघोड़ा में धारा 420, 467, 468 भादवि एवं धारा 6, 10 छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
विवेचना के दौरान प्रार्थी एवं निवेशकों के कथन दर्ज किए गए तथा निवेशकों को दिए गए बांड पेपर एवं आरोपित राजकुमार कोसे द्वारा संचालित कार्यालय का सामान जप्त किया गया। राजकुमार कोसे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था।
प्रकरण में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर धारा 467, 468 भादवि जोड़ी गई तथा विवेचना पूर्ण कर दिनांक 11.06.2017 को अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। पतासाजी के दौरान आरोपी दिनेश सैनी के केंद्रीय जेल उज्जैन में निरुद्ध होने की जानकारी मिलने पर न्यायालय के आदेशानुसार उसे प्रोडक्शन वारंट पर केंद्रीय जेल उज्जैन से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
जशपुर में घेराबंदी
पूछताछ में अपराध स्वीकार करने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेशानुसार न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल उज्जैन में निरुद्ध कराया गया था। एसएसपी शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन पर प्रकरण के शेष आरोपी की पतासाजी लगातार की जा रही थी। इसी दौरान थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू को फरार डायरेक्टर सुनील तिवारी के जशपुर आने की सूचना मिलने पर घरघोड़ा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 03.09.2026 को उसे जशपुर से अभिरक्षा में लेकर थाना घरघोड़ा लाया।
पूछताछ में अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर अपराध कारित करना स्वीकार किया गया। ऐसे में फरार सुनील तिवारी पिता दषरथ प्रसाद तिवारी उम्र 41 वर्ष सा. वार्ड क्र. 85 राम मंदिर के पास प्रजापथ नगर द्वारिकापुरी थाना द्वारिकापुरी जिला इंदौर हा.मु. गली नं. 02 विदिषा रोड भानपुर संतोष सिंह का किराये का मकान थाना छोला जिला भोपाल (म.प्र.)बकी पतासाजी एवं गिरफ्तारी में निरीक्षक कुमार गौरव साहू, थाना प्रभारी घरघोड़ा, एएसआई डेविड टोप्पो एवं आरक्षक हरीश पटेल की अहम भूमिका रही।