
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायगढ़: छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा असंगठित कर्मकार परिवारों के मेधावी बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने हेतु 'शैक्षणिक प्रोत्साहन योजना' का सुचारु रूप से संचालन किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक अभाव के कारण किसी भी होनहार विद्यार्थी की पढ़ाई बीच में न छूटे और वे निर्बाध रूप से अपनी शिक्षा जारी रख सकें।
योजना के तहत 10वीं और 12वीं कक्षा से लेकर स्नातक, स्नातकोत्तर और व्यावसायिक (प्रोफेशनल) पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार एकमुश्त आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाएगी।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) की कक्षा 10वीं अथवा 12वीं की राज्य स्तरीय मेरिट सूची के टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाले पात्र श्रमिक पुत्र/पुत्रियों के लिए 1,00000 रुपये (एक लाख रुपये) की विशेष सहायता का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, निर्धारित पात्रता एवं शर्तों को पूरा करने वाले विद्यार्थियों को दुपहिया वाहन क्रय करने के लिए भी 1 लाख रुपये की सहायता का उल्लेख है।
रायगढ़ जिला श्रम अधिकारी ने योजना के लाभ हेतु निम्नलिखित मुख्य शर्तों की जानकारी दी है: 90 दिन का पंजीयन अनिवार्य आवेदन करने की तिथि से कम से कम 90 दिन पूर्व संबंधित असंगठित कर्मकार मंडल में श्रमिक का वैध पंजीयन होना आवश्यक है।
अगली कक्षा में प्रवेश जरूरी: विद्यार्थी का पिछली उत्तीर्ण कक्षा के बाद अगले शैक्षणिक सत्र में नियमित अध्ययनरत होना अनिवार्य है (स्नातक व स्नातकोत्तर की अंतिम कक्षा के उत्तीर्ण विद्यार्थियों को इसमें छूट रहेगी)।
डीबीटीसे भुगतान: सहायक श्रमायुक्त व श्रम अधिकारी द्वारा दस्तावेजों की सूक्ष्म जांच और स्वीकृति के बाद सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
यहाँ से करें आवेदन: पात्र हितग्राही विभागीय पोर्टल पर स्वयं ऑनलाइन, चॉइस सेंटर 'श्रमेव जयते' मोबाइल ऐप अथवा जिला श्रम संसाधन केंद्र के माध्यम से आवश्यक दस्तावेजों के साथ आसानी से आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
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