
नईदुनिया प्रतिनिधि रायपुर: रायपुर शहर में दूषित पेयजल के कारण उल्टी-दस्त की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। रोजाना 100 से अधिक लोग इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध नहीं होने के कारण लोग मजबूरी में गंदा पानी पी रहे हैं, जिससे संक्रमण तेजी से फैल रहा है। उल्टी-दस्त ने सिर्फ बड़ों को ही नहीं, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया है।
हालत यह है कि लोग बार-बार अस्पतालों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। शहर के जिला अस्पताल, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रोजाना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हमर अस्पताल भाठागांव में प्रतिदिन 8 से 10 मरीज उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 10 से 15 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। राजा तालाब क्षेत्र से 6 से 7, मठपुरैना से 2 से 3, गुढ़ियारी से 7 से 8, हीरापुर से 6 से 7 और डॉ. आंबेडकर अस्पताल में रोजाना 15 से 20 मरीज उल्टी-दस्त के लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं।
इन आंकड़ों से साफ है कि बीमारी शहर के कई इलाकों में फैल चुकी है। डॉक्टरों के अनुसार दूषित पानी पीने से पेट में संक्रमण तेजी से फैलता है, जिससे उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार और कमजोरी जैसी समस्याएं होती हैं। समय पर इलाज न मिलने पर डिहाइड्रेशन की स्थिति बन सकती है, जो बच्चों और बुजुर्गों के लिए ज्यादा खतरनाक है।
डॉ.नमेश साहू, एमडी मेडिसिन का कहना है कि उल्टी-दस्त से बचाव के लिए सबसे जरूरी है स्वच्छ पानी का सेवन। घरों में पानी को उबालकर ठंडा करने के बाद ही पीएं। खुले में रखा पानी या बिना फिल्टर का पानी पीने से बचें। बाहर का कटे फल, खुले में बिकने वाला भोजन और बर्फ का उपयोग न करें।
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हाथों की सफाई पर विशेष ध्यान दें और खाना खाने से पहले साबुन से हाथ जरूर धोएं। बच्चों और बुजुर्गों को ओआरएस घोल देते रहें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
डॉक्टरों ने यह भी सलाह दी है कि यदि उल्टी-दस्त के साथ तेज बुखार, लगातार कमजोरी, चक्कर या पेशाब कम होने जैसी समस्या हो, तो बिना देर किए नजदीकी अस्पताल में दिखाएं।
रायपुर में सेल्स टैक्स कालोनी, महामाया विहार, पिंक सिटी, गायत्री नगर और विजय नगर में पिछले एक माह से गंदे पानी की लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम के जल विभाग ने त्वरित कार्रवाई की है। विजय नगर चौक के पास पेयजल वितरण पाइपलाइन में लीकेज को ट्रेस कर शनिवार को सुधार कार्य पूरा किया गया। इसके बाद रविवार को निगम की टीम ने क्षेत्र में घर-घर जाकर नलों के पानी की शुद्धता की जांच की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नागरिकों को स्वच्छ पेयजल मिल रहा है।

महापौर मीनल चौबे व आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जल विभाग के साथ जोन-3 और जोन-9 की टीमों ने रविवार की सुबह से जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान सभी घरों में क्लोरीनयुक्त स्वच्छ पेयजल पाया गया और कहीं से भी गंदा पानी आने की शिकायत नहीं मिली। निगम अधिकारियों ने बताया कि पाइपलाइन लीकेज के कारण क्षेत्र में गंदे पानी की समस्या उत्पन्न हुई थी, जिसे अब पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया है।
इसके साथ ही जोन स्वास्थ्य अधिकारियों को आगामी एक सप्ताह में वार्ड क्षेत्र की सभी नालियों की तले तक सफाई अभियान चलाकर कराने के निर्देश दिए गए हैं। सफाई के दौरान यदि नालियों के भीतर पाइपलाइन पाई जाती है तो उसे तत्काल बाहर निकालने की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने नागरिकों से भी इस कार्य में सहयोग करने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो।