
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी में जमीन सौदे के नाम पर कारोबारी से 11 करोड़ 51 लाख रुपये की ठगी के मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। पीड़ित कारोबारी की शिकायत पर सरस्वती नगर थाना पुलिस ने हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर, प्रमोटर और शेयर होल्डर सहित प्रॉपर्टी ब्रोकर के खिलाफ अपराध दर्ज कर तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में अन्य नौ आरोपितों की तलाश जारी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित का नाम विकास कुमार गोयल है, जो संभव ट्यूब्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं और सरस्वती नगर क्षेत्र में रहते हैं। विकास गोयल ने बलौदाबाजार जिले में जमीन खरीदने के लिए हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड से संपर्क किया था।
22 हेक्टेयर जमीन दिखाकर किया सौदा
शिकायत के मुताबिक 15 अक्टूबर 2025 को हाई-टेक एब्रेसिव्स कंपनी के निदेशकों और प्रॉपर्टी ब्रोकर रोहित कुमार घृतलहरे ने बलौदाबाजार जिले के सिमगा तहसील अंतर्गत ग्राम नेवधा में स्थित करीब 22.347 हेक्टेयर जमीन दिखाई। आरोप है कि नारायण प्रसाद टेकरीवाल, लक्ष्मीचंद गुरवानी, पंकज टेकरीवाल, विनोद बाजोरिया, राघवेंद्र चंद सिन्हा, सेजल राठौर, शकुंतला देवी टेकरीवाल, निशा अग्रवाल, निना जैन, नीता मस्कारा और प्रीतम कुमार टेकरीवाल ने जमीन को पूरी तरह वैध और विवादमुक्त होने का भरोसा दिलाया।
चेक और आरटीजीएस से ट्रांसफर किए 11.51 करोड़
सेल एग्रीमेंट के बाद संभव ट्यूब्स प्राइवेट लिमिटेड ने अलग-अलग तारीखों में चेक और आरटीजीएस के माध्यम से हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड के खाते में कुल 11.51 करोड़ रुपये एडवांस भुगतान के रूप में ट्रांसफर किए।
बाद में जब कारोबारी विकास गोयल ने जमीन की विधिवत जांच कराई तो पता चला कि यह जमीन पहले से ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास गिरवी रखी गई है। जमीन को ग्लोबल हाई-टेक इंडस्ट्रीज लिमिटेड नामक सिस्टर कंसर्न द्वारा बैंक में मॉर्गेज किया गया था। इसके अलावा वर्ष 2019 में डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल ने बैंक को इस जमीन से बकाया वसूली का अधिकार भी दे रखा है।
न एनओसी मिली, न पैसे लौटाए
विकास गोयल का आरोप है कि जब उन्होंने बैंक से एनओसी मांगी तो आरोपितों ने न तो एनओसी दिलवाई और न ही एडवांस राशि वापस की। इस संबंध में नौ जनवरी 2026 को कंपनी को औपचारिक पत्र भी भेजा गया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
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