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छत्तीसगढ़ के 15 हजार श्रद्धालुओं को ट्रेन का इंतजार, दुर्ग-हरिद्वार स्पेशल को नियमित करने की मांग तेज, मुख्यालय में लंबित है फाइल

यात्रियों और सामाजिक संगठनों के दबाव के बाद रायपुर मंडल ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) मुख्यालय को इसका प्रस्ताव भेज दिया है, लेकिन महीनों बीत ज...और पढ़ें

By Goswami SahuEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sun, 27 Sep 2026 03:33:05 PM (IST)Updated Date: Sun, 27 Sep 2026 03:33:01 PM (IST)
छत्तीसगढ़ के 15 हजार श्रद्धालुओं को ट्रेन का इंतजार, दुर्ग-हरिद्वार स्पेशल को नियमित करने की मांग तेज, मुख्यालय में लंबित है फाइल
दुर्ग–हरिद्वार ट्रेन को नियमित करने रायपुर मंडल ने भेजा प्रस्ताव।

HighLights

  1. दस्तावेजों से खुली रेलवे की लेटलतीफी की पोल
  2. रोजाना चलाने के प्रस्ताव पर अंतिम मुहर का इंतजार
  3. दिसंबर कार्यशाला में जुटेंगे 15 हजार श्रद्धालु

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। दुर्ग से हरिद्वार के बीच समय-समय पर चलने वाली स्पेशल ट्रेन को नियमित करने की मांग लंबे समय से हो रही है। यात्रियों और सामाजिक संगठनों के दबाव के बाद रायपुर मंडल ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) मुख्यालय को इसका प्रस्ताव भेज दिया है, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी फाइल मुख्यालय स्तर पर लंबित है। अब हजारों यात्रियों को इस पर रेलवे के अंतिम फैसले का इंतजार है।

रायपुर मंडल जनहित को देखते हुए कई बार मुख्यालय को इस संबंध में अवगत करा चुका है। छत्तीसगढ़ में गायत्री परिवार से जुड़े 564 संस्थान हैं इसमें हजारों लोग जुड़े हुए हैं, इनका हरिद्वार आना-जाना लगा रहता है।

हरिद्वार में तीन शिविर होते हैं आयोजित

महीने में हरिद्वार में तीन शिविर आयोजित होते हैं, 1 से 9, 11 से 19 और 21 से 29 तक होते हैं। हरिद्वार में 22 जुलाई से 22 सितंबर तक आयोजित ट्रस्ट मंडल कार्यशाला में बस्तर, दुर्ग और सरगुजा संभाग से 15,500 से अधिक लोगों ने भाग लिया था। यह कार्यशाला प्रतिवर्ष पूरे देश के लिए आयोजित होती है।


दिसंबर में ट्रस्ट मंडल की कार्यशाला आयोजित होने वाली है इसमें रायपुर और बिलासपुर संभाग से 15 हजार से भी अधिक लोगों के हरिद्वार जाने का अनुमान है। इसके अलावा प्रति माह तीन नौ दिवसीय शिविर होते हैं, जिसमें शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में गायत्री परिवार से जुड़े लोग छत्तीसगढ़ से जाते हैं।

दस्तावेजों से सामने आई लेटलतीफी की क्रोनोलॉजी

  • 04 दिसंबर 2025: रायपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने बिलासपुर स्थित उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक को पत्र लिखकर ट्रेन को नियमित करने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजे जाने की जानकारी दी।
  • 19 जनवरी 2026: गायत्री परिवार ट्रस्ट (नेवरा, उतई, अभनपुर) और आम जनता के आग्रह का हवाला देते हुए रायपुर मंडल ने पुनः मुख्यालय को पत्र भेजा और इसे जनहित में आवश्यक बताया।
  • 02 जून 2026: एक जन शिकायत के आधिकारिक जवाब में रेलवे ने फिर पुष्टि की कि ट्रेन को प्रतिदिन चलाने का प्रस्ताव पहले ही मुख्यालय को भेजा जा चुका है।

एसईसीआर मुख्यालय की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

संस्थान प्रमुखों का कहना है कि जब रायपुर मंडल ने यात्रियों की मांग और जनहित को ध्यान में रखते हुए सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं, तो एसईसीआर मुख्यालय को भी इस पर निर्णय ले लेना चाहिए। लोगों की अपेक्षा है कि इस प्रस्ताव को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसकी परिचालनिक संभावनाओं को तलाश कर जल्द इसे धरातल पर उतारा जाए।

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दुर्ग-हरिद्वार के बीच जल्द शुरू हो नियमित रेल सेवा

संस्थान प्रमुखों का कहना है कि दुर्ग–हरिद्वार के बीच नियमित रेल सेवा शुरू होने से छत्तीसगढ़ के यात्रियों को हरिद्वार सहित मार्ग के प्रमुख धार्मिक और महत्वपूर्ण शहरों तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। यात्रियों और संगठनों ने रेलवे प्रशासन से अपील की है कि ट्रेन 08743/08744 के नियमितीकरण की वर्तमान स्थिति स्पष्ट की जाए और इस पर जल्द से जल्द अंतिम मुहर लगाई जाए।

नई ट्रेनों के विस्तार के लिए केवल किसी मंडल से प्रस्ताव आना ही पर्याप्त नहीं होता। इसके लिए तकनीकी और समय-सारणी का आकलन, प्लेटफार्म व पिट लाइन की उपलब्धता और रूट में पड़ने वाले सभी रेलवे जोनों की तकनीकी स्वीकृति अनिवार्य होती है। इसके बाद ही प्रस्ताव आगे भेजा जाता है।- शेख समी उर रहमान, सीपीआरओ, बिलासपुर मुख्यालय