
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। प्रदेश के चार शहरों में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए 240 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और कोरबा में बसों का संचालन किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव की मौजूदगी में नवा रायपुर में उनके निवास कार्यालय में रविवार को चारों नगर निगमों और चयनित एजेंसी चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड के बीच संचालन संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। योजना के पहले चरण में नवंबर से बिलासपुर और भिलाई में 20-20 बसें चलाने की तैयारी है।
योजना के तहत रायपुर में सबसे अधिक 100 ई-बसें संचालित करने का लक्ष्य है। बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई में 50-50, जबकि कोरबा में 40 बसें चलाई जाएंगी। इन बसों से शहरों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बढ़ने के साथ यात्रियों को आवागमन के लिए एक नया विकल्प मिलेगा।
ई-बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक में छह-छह कैमरे लगाए जाएंगे। मोबाइल ऐप के माध्यम से बसों के मार्ग की जानकारी मिल सकेगी। मोबाइल स्कैनर से भुगतान और ऑनलाइन टिकट की सुविधा भी प्रस्तावित है।
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से कार्बन उत्सर्जन और ध्वनि प्रदूषण कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही चार्जिंग स्टेशन, डिपो और रखरखाव केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे।
समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के दौरान रायपुर की महापौर मीनल चौबे, बिलासपुर की पूजा विधानी, कोरबा की संजू देवी राजपूत, दुर्ग की अलका बाघमार और बीरगांव के नंदलाल देवांगन मौजूद थे।
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साथ ही नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर, राज्य शहरी विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल और चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पंकज गांधी आदि उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा स्वच्छ, हरित और विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। बढ़ते शहरीकरण के साथ यातायात और वायु प्रदूषण की चुनौतियां बढ़ रही हैं। ई-बस सेवा से नागरिकों को आधुनिक और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।- अरुण साव, उपमुख्यमंत्री
बसों के संचालन के लिए चार्जिंग व्यवस्था, डिपो, बस स्टाप और रखरखाव केंद्र जैसी आधारभूत सुविधाएं समय पर विकसित करना जरूरी है। योजना की सफलता के लिए संबंधित विभागों और नगरीय निकायों के बीच समन्वय भी आवश्यक होगा।- सोनमणि बोरा, प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग