
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। थनौद चौक स्थित पेट्रोल पंप के पास कार में 21 वर्षीय युवती की हत्या के मामले में आरोपी एस. कुमार साहू (22), निवासी कसेरुडीह, थाना पांडुका, जिला गरियाबंद को दुष्कर्म और हत्या का दोषी ठहराते हुए दोहरा आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) विनय कुमार प्रधान की कोर्ट ने फैसला सुनाया है। दोनों आजीवन कारावास की सजाएं साथ-साथ चलेंगी। यह फैसला शुक्रवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट रायपुर में सुनाया गया। अभियोजन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक विजयश्री बिसेन ने पैरवी की।
अभियोजन के अनुसार घटना 31 मई 2022 की है। सुबह करीब छह बजे मृतिका के पिता कोटवार हुलास राम ने घर पहुंचकर बताया कि थनौद चौक के पास पेट्रोल पंप के नजदीक एक कार में उनकी बेटी घायल हालत में है। पिता अपने बड़े भाई के साथ मौके पर पहुंचे। वहां एस. कुमार साहू भी मौजूद था। कार के अंदर सामने की सीट पर युवती मृत अवस्था में मिली।
अभियोजन के अनुसार आरोपी का युवती के साथ प्रेम संबंध था। शादी की बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान आरोपी ने धारदार हथियार से युवती पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। जांच में दुष्कर्म के तथ्य भी सामने आए।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही से घटना में इस्तेमाल चाकू बरामद किया। घटनास्थल से कार, कार की सीट पर लगा खून, मृतिका का मोबाइल और आरोपी के दो मोबाइल जब्त किए गए। पुलिस ने आरोपित के खून लगे शर्ट, जींस अन्य सामान जब्त किए थे। मृतिका के कपड़े सहित अन्य सामग्री को भी सुरक्षित कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था।
न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि आरोपी ने 21 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म किया और उसकी हत्या की। मामले की परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी के प्रति उदारता बरतने का कोई आधार नहीं है। कोर्ट ने यह भी माना कि यह मामला विरल से विरलतम श्रेणी में नहीं आता, इसलिए मृत्युदंड के बजाय आजीवन कारावास की सजा उचित है।
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न्यायालय ने मृतिका के माता-पिता को हुई गंभीर मानसिक पीड़ा और आर्थिक क्षति को देखते हुए उन्हें उचित प्रतिकर दिलाने की प्रक्रिया शुरू करने का भी निर्देश दिया है। निर्णय की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायपुर को भेजने को कहा गया है, ताकि धारा 357-ए दंड प्रक्रिया संहिता और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की महिलाओं के संबंध में पीड़ित प्रतिकर योजना, 2018 के तहत उचित प्रतिकर प्रदान किया जा सके।