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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रायपुर में एक और माओवादी गिरफ्तार, जंगलों से निकलकर शहर में पसार रहे पांव, सोने का बिस्किट और नकद बरामद

रायपुर में एनआईए ने एक और माओवादी को गिरफ्तार किया है। आरोपी माओवादी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत पर जेल भेज दिया गया है। कुछ दिन पहले भी रायुपर...और पढ़ें

By Satish PandeyEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Sun, 28 Sep 2025 11:55:09 AM (IST)Updated Date: Sun, 28 Sep 2025 04:25:56 PM (IST)
रायपुर में एक और माओवादी गिरफ्तार, जंगलों से निकलकर शहर में पसार रहे पांव, सोने का बिस्किट और नकद बरामद
रायपुर में एक और माओवादी गिरफ्तार (सांकेतिक फोटो)

राज्य ब्यूरो,नईदुनिया,रायपुर: रायपुर से कोरबा से रामा किचाम नामक माओवादी को गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से सोने के बिस्कुट और नकदी भी मिली है। हाल ही में शहरी क्षेत्र से माओवादी के पकड़े जाने की यह दूसरी घटना है। पिछले दिनों रायपुर से 13 लाख के इनामी माओवादी दंपती को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार दंपती से पूछताछ में पता चला है कि उनका काम शीर्ष माओवादियों के लिए शहरी क्षेत्रों में छिपने के लिए ठिकाने की तलाश करना था।

बस्तर में माओवादी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ ही अब सरकार की शहरी माओवादियों पर नजर है। अब तक रायपुर, राजनांदगांव, गरियाबंद,कोरबा,नारायणपुर जिले में माओवादियों के शहरी संपर्क सूत्र का राजफाश हो चुका है। मामले में कुछ स्थानीय कारोबारी, सरकारी कर्मचारी और एक पूर्व भाजपा नेता की गिरफ्तारी की जा चुकी है।


जंगल से निकलकर शहरी क्षेत्र में पसार रहे पांव

बीते वर्षों में पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों की कार्रवाई में यह सामने आया है कि जंगलों से निकलकर माओवादी शहरी क्षेत्रों में पांव पसारने की कोशिश कर रहे है। शहरी माओवादी नेटवर्क सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बनी हुई है। यहीं वजह है कि राज्य सरकार ने शहरी माओवाद के खात्मे को लेकर एक समन्वित रणनीति बनाई है। खुफिया तंत्र को मजबूत किया जा रहा है और साइबर मानिटरिंग के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। विश्वविद्यालयों, सामाजिक संगठनों और एनजीओ पर भी निगरानी तेज की गई है, ताकि माओवादी विचारधारा का प्रचार रोककर युवाओं को भ्रमित होने से बचाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बस्तर की तरह शहरी माओवाद पर भी जल्द काबू पा लिया जाएगा। राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से बस्तर में माओवाद की कमर टूट चुकी है, अब उसे दोबारा पनपने नहीं दिया जाएगा।

कोयला खदान में मजदूरी की आड़ में तैयार कर रहा था नेटवर्क

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रामा किचाम कोरबा में कोयला खदान में मजदूरी करने की आड़ में शहरी नेटवर्क के जरिए माओवादियों को आर्थिक और तकनीकी मदद पहुंचा रहा था। वह कई मजदूर संगठनों से भी जुड़ा हुआ है। आरोप बै कि लेवी वसूली के जरिए मिली रकम से माओवादियों के लिए हथियार, गोलियां और अन्य सामग्री की आपूर्ति करता था।

यह भी पढ़ें- कांकेर में माओवादियों पर बड़ा प्रहार, सुरक्षाबलों ने ढेर किए 14 लाख के तीन इनामी

रामा लंबे समय से माओवादी नेटवर्क से जुड़ा हुआ और शहरी क्षेत्रों में नए समर्थक जोड़ने का काम भी कर रहा था। 24 सितंबर को रायपुर के चंगोराभाठा से गिरफ्तार जग्गू कुरसम और उसकी पत्नी कमला का राम के साथ कनेक्शन निकला है। वह लगातार दोनों के संपर्क में था और कई बार उनसे मिलने रायपुर भी आया है। जग्गू भी अपनी पत्नी के साथ उनसे मिलने कोरबा गया है।इनके बीच पैसों का भी लेन-देन हुआ है।

ये माओवादी सर्मथक पहले हो चुके गिरफ्तार

  • 24 जुलाई 2015 को दंतेवाड़ा में रायपुर के कारोबारी अरुण अग्रवाल समेत तारिक अनवर,राजू राम, खुदी राम और दीप सिंह लेथ मशीन, डेटोनेटर और बारूद माओवादियों सप्लाई करने के आरोप में पकड़े गए।

  • 18 जून 2020 को राजनांदगांव-रायपुर में हितेश अग्रवाल, अजय जैन और दयाशंकर मिश्रा को माओवादियों को वाकी-टाकी सेट सप्लाई करने पर गिरफ्तार किया गया। उसी साल पूर्व भाजपा विधायक धनीराम पुजारी के बेटे और भाजपा के जिला उपाध्यक्ष जगत पुजारी को दंतेवाड़ा पुलिस ने पांच लाख के इनामी माओवादी को ट्रैक्टर देने के आरोप में पकड़ा।

  • वर्ष 2020 में गुड़गांव के कारोबारी वरुण जैन की गिरफ्तारी हुई। वरुण पर राजनांदगांव, कांकेर और अन्य क्षेत्रों में माओवादियों को जूता, गोलियां, वर्दी, वायरलेस सेट, दवाई सहित अन्य सामान सप्लाई करने का आरोप था। इससे पहले मामले में वरुण के भाई निशांत जैन, आत्माराम नरेटी, गणेश कुंजाम, मनोज शर्मा, हरिशंकर गडेम और 13 अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था।

  • 10 अगस्त 2024 को गरियाबंद के मैनपुर से पांच लोगों को पुलिस ने पकड़ा था। जांच में सामने आया था कि आरोपित मैनपुर इलाके से एक करोड़ से ज्यादा लेवी वसूलकर माओवादियों को पहुंचा चुके थे।

  • 10 जनवरी 2025 को नारायणपुर पुलिस ने प्रकाश सोनी को हथियार और विस्फोटक सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया। उसके पास से तीन मीटर कारडेक्स वायर, बिजली तार, स्कैनर (वाकी-टॉकी), 20 कारतूस और तीन डेटोनेटर बरामद हुए थे।