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छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में डायबिटीज की दवा पर फिर लगी रोक, गुणवत्ता पर उठे सवाल

छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में डायबटिज के लिए दी जाने वाली दवा मेटफार्मिन 500 मिलीग्राम ग्लिमिप्राइड 2 मिलीग्राम पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रतिब...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Tue, 04 Nov 2025 01:26:00 PM (IST)Updated Date: Tue, 04 Nov 2025 01:30:34 PM (IST)
छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में डायबिटीज की दवा पर फिर लगी रोक, गुणवत्ता पर उठे सवाल
डायबिटीज की दवा पर रोक (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. राज्य स्वास्थ्य विभाग डायबिटीज की दवा पर रोक लगा दी है
  2. रायपुर और महासमुंद में जांच के दौरान मिली थी शिकायतें
  3. विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान भी लगा था अस्थायी रोक

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: राज्य स्वास्थ्य विभाग ने मधुमेह (शुगर) रोगियों को दी जाने वाली दवा ‘मेटफार्मिन 500 मिलीग्राम ग्लिमिप्राइड 2 मिलीग्राम’ के उपयोग पर रोक लगा दी है। विभाग को इस दवा की गुणवत्ता संबंध में रायपुर और बलौदाबाजार से शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद दवा निगम ने सभी जिलों को इसे मरीजों को न देने के निर्देश जारी किए हैं।

यह आदेश दवा निगम मुख्यालय से 31 अक्टूबर को जारी पत्र के आधार पर निकाला गया है। निर्देश के अनुसार दवा बनाने वाली कंपनी हीलर्स लैब की बैच संख्या एमजीसी-506 (निर्माण तिथि जुलाई 2024,एक्सपायरी जून 2026) की दवाओं पर रोक लगाई गई है।


स्वास्थ्य केंद्रों को मिले सख्त आदेश

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन, खंड चिकित्सा अधिकारी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी को निर्देश दिया गया है कि उक्त बैच की दवा का वितरण तुरंत बंद करें और शेष स्टाक को रायपुर स्थित औषधि भंडार में वापस भेजें। यह आदेश रायपुर और बलौदाबाजार जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों पर लागू होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि दवा की तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इसके उपयोग की अनुमति दी जाएगी।

पहले भी लगी थी रोक

यह पहली बार नहीं है जब इस दवा पर रोक लगी हो। विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान भी दवा पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया था, जब कुछ जिलों से दुष्प्रभाव और गुणवत्ता संबंधी शिकायतें सामने आई थीं। उस समय भी स्वास्थ्य विभाग ने इसे वितरण सूची से हटा दिया था।

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चिकित्सकों के अनुसार, यह दवा मधुमेह के रोगियों में रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) नियंत्रित करने के लिए दी जाती है। ‘मेटफार्मिन’ और ‘ग्लिमिप्राइड’ का यह संयोजन लंबे समय से उपयोग में है, लेकिन बैच विशेष में समस्या आने पर सुरक्षा की दृष्टि से रोक आवश्यक होती है।

यह निर्णय सुरक्षा के दृष्टिकोण से एहतियातन लिया गया है। प्राथमिक जांच में दवा की गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई है। परीक्षण रिपोर्ट आने तक इसका उपयोग पूरी तरह बंद रहेगा।

-रीतेश अग्रवाल, महाप्रबंधक, रायपुर