छत्तीसगढ़ राज्य के भुइयां कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर मिला पुरस्कार
मुंबई में प्रतिष्ठित आइएमसी डिजिटल अवार्ड्स 2021 से किया गया सम्मानित ...और पढ़ें
By Pramod SahuEdited By: Pramod Sahu
Publish Date: Fri, 24 Jun 2022 06:03:44 PM (IST)Updated Date: Fri, 24 Jun 2022 06:03:44 PM (IST)

रायपुर (राज्य ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ में संचालित लैंड रिकार्ड्स प्रोजेक्ट 'भुइयां" साफ्टवेयर को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिला है। मुंबई में गुरुवार को आयोजित एक भव्य समारोह में इसे प्रतिष्ठित आइएमसी डिजिटल अवार्ड्स 2021 से सम्मानित किया गया है।
सरकारी क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए यह पुरस्कार कार्यालय आयुक्त भू-अभिलेख और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र को प्रदान किया गया है। इस पुरस्कार को एनआइसी के विज्ञानी सौरभ दुबे ने विभाग के प्रतिनिधि के तौर पर ग्रहण किया।
अफसरों ने बताया कि डिजिटल हस्ताक्षरित भू-अभिलेखों, आनलाइन नक्शे की उपलब्धता और पंजीयन विभाग से भुइयां के इंटीग्रेशन होने से डुप्लीकेट पंजीयन की समस्याओं में कमी लाने के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया गया है। बता दें कि राज्य में भू-अभिलेखों को डिजिटाइज करने और लोगों को इसे आनलाइन के माध्यम से सहज रूप में उपलब्ध कराने के लिए भुइयां कार्यक्रम बनाया गया है।
भुइयां कार्यक्रम राजस्व विभाग के विभिन्न प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने का है माध्यम
भुइयां साफ्टवेयर नक्शा, खसरा और उससे जुड़े जमीन के कागजात को आनलाइन प्रस्तुत करता है। साथ ही संपत्ति की रजिस्ट्री एकीकृत करते हुए डुप्लीकेट रजिस्ट्री की समस्या का समाधान करता है। भुइयां कार्यक्रम राजस्व विभाग के विभिन्न् प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने का माध्यम है। इसमें डिजिटल रूप से हस्ताक्षर किए हुए चार करोड़ कागजात आनलाइन उपलब्ध हैं।
3800 से अधिक बैंक को भुइयां से किया गया है एकीकृत
इस साफ्टवेयर के प्रोजेक्ट में विभागों के प्रमुख अधिकारियों राजस्व, खाद्य, कृषि, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनसीपीआइ), मृदा स्वास्थ्य, वाणिज्यिक कर, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और कई अन्य विभागों के सचिव, जिले के कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक का लाग इन आइडी बनाया गया है। साथ ही 3800 से अधिक बैंक को भुइयां से एकीकृत किया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने पुरस्कार मिलने पर बधाई व शुभकामनाएं दी है।