• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शराब घोटाला मामला : SC ने भूपेश बघेल और उनके बेटे को राहत के लिए हाईकोर्ट जाने के दिए निर्देश

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) के बेटे चैतन्य बघेल (Chaitanya Baghel Case) की ओर से शराब घोटाले में हुई गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए सुप...और पढ़ें

By Akash SharmaEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Mon, 04 Aug 2025 01:37:49 PM (IST)Updated Date: Mon, 04 Aug 2025 03:00:10 PM (IST)
शराब घोटाला मामला : SC ने भूपेश बघेल और उनके बेटे को राहत के लिए हाईकोर्ट जाने के दिए निर्देश
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और चैतन्य बघेल की याचिका पर आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला।

HighLights

  1. भूपेश बघेल की याचिका पर फैसला आया।
  2. 6 अगस्त को होगी अगली सुनवाई।
  3. चैतन्य बघेल 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर पर जेल में थे।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके पुत्र चैतन्य बघेल को झटका देते हुए उन्हें व्यक्तिगत राहत के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का रुख करने के निर्देश दिए हैं।

पिता-पुत्र ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की थी याचिका

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची की पीठ ने हाईकोर्ट से आग्रह किया है कि मामले की सुनवाई प्राथमिकता से की जाए। बघेल पिता-पुत्र ने ईडी की जांच, गिरफ्तारी और पूछताछ की वैधता को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर स्पष्ट किया कि उन्हें व्यक्तिगत राहत की मांग पहले हाईकोर्ट में उठानी होगी।


naidunia_image

6 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को जांच और गिरफ्तारी के लिए शक्तियां देने वाली धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धाराओं की संवैधानिक वैधता को लेकर दायर चुनौती को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को नई याचिका दाखिल करने को कहा है। इस पर अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी।

ये भी पढ़ें: CG High Court के सामने घूम रहे थे मवेशी... कान पर लगे टैग से मालिक की पहचान कर लिया बड़ा एक्शन