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'Sex CD Case' में बढ़ेगी भूपेश बघेल की मुश्किलें, फिर चलेगा मुकदमा; CBI कोर्ट ने रद किया निचली अदालत का फैसला

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 'सेक्स सीडी' मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मुश्किलें फिर से बढ़ गई हैं। सीबीआई के विशेष न्यायालय ने शनिवार को निचली...और पढ़ें

By Sandeep TiwariEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Sat, 24 Jan 2026 11:45:47 PM (IST)Updated Date: Sun, 25 Jan 2026 06:18:54 AM (IST)
'Sex CD Case' में बढ़ेगी भूपेश बघेल की मुश्किलें, फिर चलेगा मुकदमा; CBI कोर्ट ने रद किया निचली अदालत का फैसला
सेक्स सीडी केस में भूपेश बघेल की बढ़ी मुश्किलें

HighLights

  1. 2017 के मामले में सेशन कोर्ट ने CBI की रिव्यू याचिका की मंजूर की
  2. पूर्व सीएम बघेल सहित सभी आरोपियों के लिए राहत भरा आदेश रद
  3. भूपेश बघेल पर इस सीडी को बांटने और षड्यंत्र रचने के आरोप लगा था

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: राज्य की राजनीति में हलचल लाने वाले वर्ष 2017 के बहुचर्चित 'सेक्स सीडी' मामले (Sex CD case) में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मुश्किलें फिर से बढ़ती नजर आ रही हैं। रायपुर स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने शनिवार को फैसला सुनाते हुए निचली अदालत के उस आदेश को रद कर दिया है, जिसमें बघेल को इस मामले से दोषमुक्त (डिस्चार्ज) कर दिया गया था। सेशन कोर्ट ने सीबीआई की रिव्यू याचिका मंजूर की है। पूर्व सीएम बघेल सहित सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलेगा।

विशेष सीबीआई न्यायाधीश ने 24 जनवरी 2026 को दिए अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा वर्ष 2024 में बघेल को डिस्चार्ज करने का निर्णय कानून सम्मत नहीं था। इस फैसले के साथ ही अब पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ इस मामले में फिर से न्यायिक प्रक्रिया शुरू होगा। साथ ही, कोर्ट ने मामले के अन्य आरोपियों में कैलाश मुरारका, विनोद वर्मा और विजय भाटिया द्वारा आरोप तय किए जाने के खिलाफ दायर अपीलों को भी खारिज कर दिया गया है। इन सभी की मुश्किलें बढ़ सकती है।


क्या है पूरा मामला?

यह विवाद अक्टूबर 2017 का है, जब तत्कालीन भाजपा सरकार में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री राजेश मूणत की एक कथित आपत्तिजनक सीडी सार्वजनिक हुई थी। इस मामले में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से पत्रकार और पूर्व सीएम बघेल के मीडिया सलाहकार रहे विनोद वर्मा को गिरफ्तार किया गया था, जिनके पास से पुलिस ने सीडी की 500 प्रतियां बरामद करने का दावा किया था। आरोप था कि यह वीडियो कूटरचित था और इसे मंत्री की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से प्रसारित किया गया था।

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पूर्व सीएम बघेल सहित 6 आरोपी

तत्कालीन समय में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहे भूपेश बघेल पर इस सीडी को बांटने और षड्यंत्र रचने के आरोप लगे थे, जिसके चलते उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भी रहना पड़ा था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में भूपेश बघेल सहित छह लोगों को आरोपी बनाया था। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद 2024 में एक राहत के रूप में बघेल को डिस्चार्ज मिला था, जिसे अब उच्चतर अदालत ने पलट दिया है।