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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में मतांतरण का बड़ा खेल... एक साल में ढाई गुना हुए केस, पिछली सरकार में कम हुआ एक्शन

छत्तीसगढ़ में मतांतरण एक बड़ी सामाजिक समस्या है। यहां गरीब और आदिवासी समुदाय के लोगों को इलाज और अलग-अलग चीजों का लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन करने के...और पढ़ें

By Sandeep TiwariEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Sun, 27 Jul 2025 08:38:45 AM (IST)Updated Date: Sun, 27 Jul 2025 10:54:48 AM (IST)
छत्तीसगढ़ में मतांतरण का बड़ा खेल... एक साल में ढाई गुना हुए केस, पिछली सरकार में कम हुआ एक्शन
प्रदेश में बढ़े मतांतरण के मामले

HighLights

  1. छत्तीसगढ़ में बढ़े मतांतरण के मामले
  2. 2025 में अब तक 50 से ज्यादा शिकायतें
  3. प्रदेश में एक साल में बढ़े ढाई गुना मामले

संदीप तिवारी, नईदुनिया रायपुर: प्रदेश में मतांतरण को लेकर समाज में जागरुकता बढ़ी है, जिससे बीते डेढ़ साल में इसके दोगुने मामले सामने आए हैं। भाजपा सरकार के कार्यकाल में इस मुद्दे पर पुलिस और प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाया है।

भाजपा सरकार में तेज हई कार्रवाई

  • वर्ष 2024-25 में (एक अप्रैल 2025 की स्थिति में) 50 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें 23 मामलों में अपराध पंजीबद्ध किया गया, जबकि एक मामले में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।

  • मई, जून और अभी जुलाई महीने में अबतक लगभग 12 शिकायतें आ चुकी हैं। इनमें कई मामले दर्ज हुए हैं।

  • 2023-24 में 16 शिकायतें दर्ज की गई थी, जिसमें से 9 मामलों में एफआईआर दर्ज किया गया था।

  • कांग्रेस सरकार के अंतिम वर्षों 2022-23 में सिर्फ 11 शिकायतें आई थीं, जिनमें महज 3 मामलों में केस दर्ज किया गया।

  • वर्ष 2021-22 में कुल 26 शिकायतें दर्ज हुई थीं, लेकिन केवल 9 मामलों में एफआइआर दर्ज की गई थी।

  • इन आँकड़ों से साफ है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार में शिकायतें अधिक आईं, लेकिन मामलों में कार्रवाई कम हुई।

युवतियों की तस्करी

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दुर्ग रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह माओवादी हिंसा प्रभावित नारायणपुर जिले की तीन आदिवासी युवतियों की मानव तस्करी के लिए ट्रेन से आगरा ले जाने की तैयारी थी। बजरंग दल कार्यकर्ताओं के हंगामे के बाद जीआरपी ने आरोपित आगरा की नन प्रीति मेरी, वंदना फ्रांसिस और युवक सुखमन मंडावी के विरुद्ध मानव तस्करी व मतांतरण का जुर्म दर्ज किया था। सभी को गिरफ्तार कर आठ दिन की न्यायिक हिरासत में जेल दिया गया है।


गरीबों को मिलते हैं लालच

धार्मिक प्रचार के साथ-साथ गरीब परिवारों को पैसा, खाद्यान्न, कपड़े, शिक्षा और स्वास्थ्य सहायता का लालच भी दिया जाता है। कई मिशनरी संगठन शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों को टारगेट करते हैं।

मतांतरण पर राजनीति

प्रदेश में मतांतरण हमेशा से एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा रहा है। इसे लिए पक्ष-विपक्ष की सियासत और बयानबाजी हमेशा जारी रहती है। एक बार फिर मतांतरण को लेकर कांग्रेस की ओर से भाजपा सरकार पर आरोप लगाए गए हैं।

भाजपा सरकार मतांतरण रोकने में विफल रही है। सत्ता में आते समय इन्होंने कड़ा कानून लाने का वादा किया था, लेकिन अब वो कहां है?

- धनेंद्र साहू, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष

वहीं भाजपा की ओर से यह आरोप लगाया जाता है कि कांग्रेस के भूपेश बघेल के शासन काल में मतांतरण को लेकर प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं की गई है। भाजपा सरकार मतांतरण के खिलाफ लगातार कदम उठा रही है।

भाजपा सरकार आने के बाद मतांतरण कराने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। लोग जागरुक भी हो रहे हैं। कांग्रेस सरकार के दौरान शिकायत आती थी लेकिन कार्रवाई नहीं होती थी।

- टंकराम वर्मा, राजस्व मंत्री

अभी समय है कि समाज के सभी वर्ग मतांतरण रोकने के लिए आगे आएं। समन्वित प्रयासों से ही समाधान संभव है।

- चंद्रशेखर वर्मा, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, विश्व हिंदू परिषद

यह भी पढ़ें: इलाज के नाम पर मतांतरण का खेल...बीमारी दूर करने के नाम पर नन मैरी आदिवासियों को कराती थी मतांतरित

शहरी इलाकों में भी सक्रिय हो रहीं मिशनरियां

गृह विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब मतांतरण की गतिविधियां सिर्फ ग्रामीण नहीं बल्कि शहरी इलाकों में भी फैल रही हैं। ईसाई मिशनरियों द्वारा "चंगाई सभा" और चमत्कारी इलाज के माध्यम से मतांतरण कराया जा रहा है। लोगों को बीमारी से राहत, गरीबी से मुक्ति और जीवन में बदलाव का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।