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Chhattisgarh Board Exam 2026: 20 फरवरी से शुरू होंगे इम्तिहान, शिक्षकों पर लगा 'एस्मा'

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 20 फरवरी से शुरू होंगी। परीक्षाओं के सुचारु संचालन को लेकर राज्य सर...और पढ़ें

By Vakesh SahuEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Mon, 02 Feb 2026 08:27:08 AM (IST)Updated Date: Mon, 02 Feb 2026 08:27:08 AM (IST)
Chhattisgarh Board Exam 2026: 20 फरवरी से शुरू होंगे इम्तिहान, शिक्षकों पर लगा 'एस्मा'
छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 20 फरवरी से शुरू होंगी। परीक्षाओं के सुचारु संचालन को लेकर राज्य सरकार ने शिक्षकों और परीक्षा कार्य से जुड़े कर्मचारियों पर एसेंशियल सर्विस एंड मेंटेनेंस एक्ट (एस्मा) लागू कर दिया है।

एस्मा के तहत 15 फरवरी से 30 अप्रैल तक शिक्षक और कर्मचारी किसी भी प्रकार का अवकाश नहीं ले सकेंगे। इस दौरान हड़ताल, धरना या किसी भी तरह के आंदोलन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सभी शिक्षकों को अपने मूल पदस्थापना स्थल पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। उपस्थिति दर्ज होने के बाद ही उनकी ई-पुस्तिका अपडेट की जाएगी।


2,514 परीक्षा केंद्र, कंट्रोल रूम से निगरानी

प्रदेशभर में बोर्ड परीक्षाओं के लिए कुल 2,514 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा संचालन की निगरानी के लिए मंडल स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इस वर्ष लगभग सात लाख विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होंगे।

ड्यूटी से इन्कार पर होगी कार्रवाई

गृह विभाग के निर्देशानुसार परीक्षा अवधि में न तो छुट्टियां स्वीकृत होंगी और न ही सामूहिक अवकाश लिया जा सकेगा। यदि कोई शिक्षक या कर्मचारी परीक्षा ड्यूटी से इन्कार करता है, तो इसे कानून का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सरकार ने परीक्षा संचालन, उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन और परिणाम से जुड़े कार्यों को अत्यावश्यक सेवा की श्रेणी में रखा है।

क्या है एस्मा?

निवारण अधिनियम, 1979 के तहत एस्मा लागू होने पर अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी कार्य से इन्कार नहीं कर सकते। अधिनियम की धारा 4 (1) के अनुसार कोई भी कर्मचारी पूर्ण या आंशिक हड़ताल, कार्य बहिष्कार या किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं कर सकता। नियमों का उल्लंघन दंडनीय अपराध है, जिसमें कानूनी कार्रवाई का प्रविधान है।

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