
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: प्रदेश में पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा रही है। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुरूवार को सभी राज्यों के परिवहन और स्वास्थ्य मत्रियों के साथ पीएम राहत योजना को लेकर बैठक ली। इसमें प्रदेश के परिवहन मंत्री केदार कश्यप और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल वर्चुअल रूप से शामिल हुए और अपने सुझावों को रखा।
बैठक में बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की ओर से संचालित पीएम राहत योजना के अंतर्गत अब दुर्घटना पीड़ितों को गोल्डन आवर में त्वरित और कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा रही है।
केदार कश्यप ने बताया कि प्रति पीड़ित, प्रति दुर्घटना अधिकतम सात दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक की सहायता, मोटर वाहन से जुड़ी सभी सड़क दुर्घटनाओं पर लागू होगी। यह पूर्णतः कैशलेस सुविधा होगी और प्रदेश में योजना के सुचारु क्रियान्वयन के लिए सभी 33 जिलों के कलेक्टरों के लिए रिजर्व बैंक में खाते खोले जा चुके हैं। टीएमएस और पीएफएमएस के माध्यम से सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
दुर्घटना के बाद एक घंटे के भीतर यदि पीड़ित को अस्पताल में भर्ती कराया जाए तो मृत्यु की संभावना 50 प्रतिशत तक कम हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह योजना प्रभावी रूप से लागू की गई है। यह इलाज आयुष्मान भारत (एबी-पीएम-जेएवाई) के अंतर्गत पंजीकृत अस्पतालों में होगा। पीड़ित या उसके स्वजन से किसी प्रकार का अग्रिम भुगतान नहीं लिया जाएगा।
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पीएम राहत योजना के तहत अस्पताल की ओर से पीड़ित की पहचान सत्यापित कर 24 घंटे के भीतर उसे टीएमएस 2.0 पोर्टल पर पंजीकृत किया जाता है। बैठक में केंद्रीय अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत दुर्घटना की तिथि से अधिकतम सात दिनों तक ट्रामा और पालीट्रामा पैकेज के अंतर्गत 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है।