
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए 'मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान' (एम-ऊर्जा) की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया।
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, प्रदेश के घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली बिल में दी जा रही रियायत आगे भी जारी रहेगी। योजना के तहत 400 यूनिट तक की मासिक खपत की पात्रता अवधि को 31 मार्च 2027 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। सरकार के इस कदम से राज्य के लगभग 7.25 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
मंत्रिपरिषद की बैठक में बिजली रियायत के साथ-साथ अधोसंरचना, उद्योग, रेल कनेक्टिविटी और स्थानीय पहचान से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई...
औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन करते हुए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की गई। राजनांदगांव जिले के सोमनी में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के सहयोग से करीब 400 करोड़ रुपये की लागत वाली 'मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी' स्थापित करने के लिए 31.55 एकड़ भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई।