
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आम परिवारों के अपने घर के सपने को साकार करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आवासीय परियोजनाओं को बेहतर कनेक्टिविटी और आवश्यक सुविधाओं के साथ विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
राज्य सरकार और मंडल की इन्हीं कोशिशों के परिणामस्वरूप रायपुर के पास स्थित नरदहा में हितग्राही रागिनी के अपने घर का सपना पूरा हुआ है। वर्षों से अपने परिवार के लिए एक स्थायी आशियाने की चाह रखने वाली रागिनी के लिए यह नया घर केवल एक संपत्ति नहीं, बल्कि उनके परिवार के सुरक्षित और बेहतर भविष्य की एक नई शुरुआत है।
अपने अनुभव साझा करते हुए रागिनी कहती हैं, “अपना घर होना मेरा सपना था, जिसे छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की इस पहल ने पूरा किया है। आज अपना घर होने की खुशी और संतुष्टि को शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है।”
उन्होंने बताया कि नरदहा स्थित परियोजना की लोकेशन उनके परिवार के लिए काफी सुविधाजनक है। रायपुर से बेहतर कनेक्टिविटी के साथ आसपास एजुकेशन हब, स्कूल और कॉलेज की उपलब्धता बच्चों की पढ़ाई के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां का अच्छा सामाजिक वातावरण और आवश्यक सुख-सुविधाएं रहने के अनुभव को और भी बेहतर बनाती हैं।
रागिनी के लिए अपना आशियाना मिलने की खुशी इसलिए भी खास है, क्योंकि अब उनके परिवार के पास भविष्य के लिए एक स्थायी ठिकाना है। बच्चों की शिक्षा के लिए अनुकूल माहौल, रायपुर तक सुगम पहुंच और आसपास उपलब्ध जरूरी सुविधाओं ने उनके नए घर की खुशी को दोगुना कर दिया है।
रागिनी कहती हैं, “वर्तमान छत्तीसगढ़ सरकार और हाउसिंग बोर्ड की यह पहल हम जैसे हितग्राहियों के घर के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अपना आशियाना पाने का यह अवसर देने के लिए मैं छत्तीसगढ़ सरकार और हाउसिंग बोर्ड का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं।”
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में आवासीय योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को सुव्यवस्थित और सुविधायुक्त रहवास उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। सरकार का यह प्रयास है कि आवासीय परियोजनाएं केवल मकान उपलब्ध कराने तक सीमित न रहें, बल्कि उनमें कनेक्टिविटी, शिक्षा और रोजमर्रा की आवश्यक सुविधाओं तक सहज पहुंच जैसे सभी महत्वपूर्ण पहलुओं का पूरा ध्यान रखा जाए।
नरदहा की रागिनी की कहानी इसी शासकीय प्रयास का मानवीय पक्ष सामने लाती है। अपना घर मिलने से उनके परिवार को एक सुरक्षित छत और स्थायित्व मिला है, जिससे बच्चों के बेहतर भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है। अपने आशियाने की चाबी मिलने के साथ ही रागिनी के परिवार के जीवन में खुशियों का एक नया अध्याय शुरू हो चुका है।