
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ के जूनियर डॉक्टरों की 21 सितंबर सुबह आठ बजे से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल फिलहाल सात दिन के लिए टल गई है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जेडीए) के प्रतिनिधिमंडल की रविवार को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ हुई बैठक में संगठन की लंबित मांगों पर चर्चा हुई। स्वास्थ्य मंत्री ने मांगों के निराकरण के लिए सात दिन का समय मांगा है। इसके बाद जेडीए की जनरल बॉडी ने हड़ताल आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
जेडीए की ओर से बताया गया कि संगठन की 17 सूत्रीय मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इन मांगों को लेकर कई महीनों से सरकार के साथ पत्राचार किया जा रहा था। करीब 15 दिन पहले भी संगठन ने ज्ञापन देकर मांगों के निराकरण के लिए समय दिया था। ठोस कार्रवाई नहीं होने पर 21 सितंबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की घोषणा की गई थी।
अब स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई बातचीत के बाद संगठन ने सरकार को सात दिन का समय दिया है। इस दौरान प्रदेश के मेडिकल कालेजों और अस्पतालों में डाक्टर नियमित ड्यूटी और चिकित्सा सेवाएं जारी रखेंगे।
जेडीए ने कहा है कि सात दिन की अवधि में मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रहेगा। इसके तहत डॉक्टर ब्लैक रिबन प्रोटेस्ट, कैंडल मार्च, रैली और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे। संगठन का कहना है कि मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसे ध्यान में रखते हुए ही हड़ताल को आगे बढ़ाया गया है।
जेडीए के अनुसार सात दिन की अवधि पूरी होने के बाद मांगों पर सरकार की कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी। यदि अपेक्षित समाधान नहीं होता है तो जनरल बाडी की बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी। इसमें अनिश्चितकालीन हड़ताल सहित अन्य आंदोलनात्मक कदम पर भी सामूहिक निर्णय लिया जा सकता है।