• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

रायपुर के गैस उपभोक्ताओं को बड़ी राहत... जल्द ही टैंकरों से नहीं, पाइपलाइन से पहुंचेगी LPG, सड़कों पर कम होंगे 8 लाख फेरे

रायपुर और आसपास के इलाकों में एलपीजी की थोक आपूर्ति का तरीका अगले कुछ वर्षों में बदल सकता है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के एलपीजी बॉटलिंग संयंत्रों को जोड़ने...और पढ़ें

By Jitendra DahiyaEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Tue, 15 Sep 2026 02:09:46 PM (IST)Updated Date: Tue, 15 Sep 2026 02:09:46 PM (IST)
रायपुर के गैस उपभोक्ताओं को बड़ी राहत... जल्द ही टैंकरों से नहीं, पाइपलाइन से पहुंचेगी LPG, सड़कों पर कम होंगे 8 लाख फेरे
रायपुर में अब टैंकरों से नहीं पाइपलाइन से पहुंचेगी LPG

HighLights

  1. छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच बिछेगी 555 किमी LPG पाइपलाइन
  2. 25 सालों में कम होंगे सड़क टैंकरों के करीब 8 लाख फेरे
  3. रायपुर के तीन एलपीजी बॉटलिंग प्लांट पाइपलाइन से जुड़ेंगे

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। रायपुर और आसपास के इलाकों में एलपीजी की थोक आपूर्ति का तरीका अगले कुछ वर्षों में बदल सकता है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के एलपीजी बॉटलिंग संयंत्रों को जोड़ने के लिए करीब 555 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इससे बाटलिंग प्लांट तक बड़ी मात्रा में एलपीजी पहुंचाने के लिए लंबी दूरी के सड़क टैंकरों पर निर्भरता कम होगी। यानी एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति के लिए जरूरी गैस का बड़ा हिस्सा अब सड़क के बजाय पाइपलाइन से पहुंचेगा।

परियोजना के तहत छह एलपीजी बॉटलिंग प्लांट जोड़े जाएंगे। इनकी कुल क्षमता करीब 5.4 लाख टन सालाना है। इनमें रायपुर क्षेत्र के तीन संयंत्र शामिल हैं, जिनकी संयुक्त क्षमता 2.7 लाख टन सालाना है। ये संयंत्र सिलतरा, मंदिर हसौद और तिल्दा क्षेत्र के खपरी में स्थित हैं।


25 साल में 8 लाख टैंकर फेरे होंगे कम

परियोजना के आकलन के अनुसार वर्ष 2029 से 2053 के बीच करीब 8 लाख सड़क टैंकर यात्राएं बच सकती हैं। इससे लंबी दूरी तक एलपीजी टैंकरों की आवाजाही कम होगी और करीब 9.3 लाख टन कार्बन उत्सर्जन से बचाव का अनुमान है। परियोजना से करीब 633 करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ होने का भी आकलन किया गया है।

रायपुर में सुरक्षा के लिहाज से बड़ा बदलाव: सड़क हादसों का खतरा होगा कम

रायपुर क्षेत्र में एलपीजी की बड़ी मात्रा सड़क मार्ग से पहुंचती है। लंबी दूरी तय करने वाले टैंकरों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा भी बना रहता है। फरवरी 2021 में मंदिर हसौद टोल प्लाजा के पास सिलतरा जा रहे एक एलपीजी टैंकर को ट्रक ने टक्कर मार दी थी। इसके बाद गैस को दूसरे टैंकर में स्थानांतरित करना पड़ा था और क्रेन व दमकल वाहनों की मदद लेनी पड़ी थी।

सिलिंडर डिलीवरी के लिए सड़क मार्ग रहेगा जारी

पाइपलाइन बनने से ऐसे लंबी दूरी के परिवहन में कमी आएगी। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि रायपुर की सड़कों से एलपीजी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह खत्म हो जाएगी। बॉटलिंग प्लांट से भरे सिलिंडर एजेंसियों और उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए सड़क परिवहन पहले की तरह जरूरी रहेगा।

36 महीने में पूरा होगा निर्माण: निविदा प्रक्रिया पूरी, आशय पत्र जारी

परियोजना अब केवल प्रस्ताव तक सीमित नहीं है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड की ओर से निविदा प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और चयनित संस्था को आशय पत्र भी दिया जा चुका है। पाइपलाइन का निर्माण पूरा करने के लिए करीब 36 महीने का समय तय किया गया है। इसे साझा उपयोग वाली पाइपलाइन व्यवस्था के तहत विकसित किया जाएगा।

यह भी पढ़ें- 21 सितंबर से परीक्षा और 79 शिक्षक नदारद... कोरबा के स्वामी आत्मानंद स्कूलों में पढ़ाई ठप, छात्र परेशान