छत्तीसगढ़ के बोड़ला में 5 बच्चों की मौत, 17 अस्पताल में भर्ती; मौत के कारणों की पुष्टि नहीं, कठघरे में स्वास्थ्य विभाग
बोड़ला के नंदिनी कुमान में 5 बच्चों की मौत से हड़कंप है। 17 बीमार बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग सक्रिय है, वहीं कांग्रेस जांच दल ने हालात का जायजा लिया।
Publish Date: Wed, 28 Oct 2026 03:56:09 PM (IST)Updated Date: Wed, 28 Oct 2026 04:22:25 PM (IST)
बोड़ला में 4 महीने में 5 बच्चों की मौत से स्वास्थ्य-पोषण व्यवस्था कठघरे में (नईदुनिया)HighLights
- नंदिनी कुमान गांव में 5 बच्चों की हुई मौत।
- गांव के 17 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- स्वास्थ्य और महिला-बाल विकास विभाग ने शुरू की जांच।
नईदुनिया न्यूज, बोड़ला: विकासखंड के बैगा बहुल ग्राम नंदिनी कुमान में चार महीनों के भीतर पांच बच्चों की मौत और अन्य बच्चों के कमजोर स्वास्थ्य का मामला गंभीर चिंता का विषय बन गया है। इस घटनाक्रम के बाद स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग ने बच्चों की जांच और उपचार की कार्रवाई तेज कर दी, वहीं कांग्रेस ने भी जमीनी स्थिति जानने के लिए जांच दल गठित किया। गांव के 17 बच्चों को उपचार के लिए बोड़ला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी।
इनमें से दो बच्चों की गंभीर स्थिति के कारण जिला अस्पताल में भर्ती कराने की बात भी सामने आई। बाद में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया और विधायक जनक राम ध्रुव ने पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती बच्चों से मुलाकात कर चिकित्सकों से उपचार और पोषण व्यवस्था की जानकारी ली।
पांच मौतों के बाद सक्रिय हुआ स्वास्थ्य विभाग
- नंदिनी कुमान में बच्चों की मौत के वास्तविक कारणों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने अज्ञात बीमारी की आशंका जताई है, जबकि बच्चों के कमजोर स्वास्थ्य और कुपोषण की स्थिति भी सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीमों ने गांव में बच्चों की जांच, रक्त के नमूने लेने, टीकाकरण और घर-घर सर्वे की कार्रवाई की है।
- प्रशासन ने प्रभावित परिवारों से जानकारी जुटाने के साथ बच्चों को उपचार उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया है। इस मामले में मौतों की परिस्थितियों और बच्चों की बीमारी का समय रहते पता चलने की स्थिति की जांच महत्वपूर्ण है।
सात सदस्यीय दल ने पहले किया निरीक्षण
- मामले की वास्तविक स्थिति जानने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मोहला-मानपुर विधायक इंद्रशाह मंडावी के नेतृत्व में सात सदस्यीय जांच दल गठित किया था। दल में विधायक सावित्री मंडावी, जनक ध्रुव और हर्षिता स्वामी बघेल, पूर्व विधायक भानुप्रताप सिंह और ममता चंद्राकर तथा जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल शामिल थे।
टीम ने बोड़ला स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती बच्चों और उनके परिजनों से बातचीत की। इसके बाद नंदिनी कुमान पहुंचकर प्रभावित परिवारों से जानकारी ली। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सुविधाओं, नियमित जांच और उपचार व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं भी रखीं। एनआरसी पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
जांच दल के दौरे के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज भी मंगलवार को प्रभावित क्षेत्र पहुंचे। उन्होंने एनआरसी में भर्ती बच्चों से मुलाकात की, उन्हें अपने हाथों से खाना खिलाया और चिकित्सकों से उपचार, पोषण आहार तथा उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने गांव पहुंचकर स्थानीय परिस्थितियों का जायजा लिया। बैज ने बच्चों की मौत के मामले में जिम्मेदारी तय करने की जरूरत बताई।
जांच के निष्कर्षों पर टिकी नजर
एक ही गांव में पांच बच्चों की मौत और अन्य बच्चों के अस्पताल पहुंचने की घटना ने स्वास्थ्य जांच, पोषण सेवाओं और समय पर उपचार की व्यवस्था को महत्वपूर्ण बना दिया है। फिलहाल मौतों के कारणों पर अंतिम चिकित्सीय निष्कर्ष सामने आना बाकी है। प्रभावित बच्चों की नियमित निगरानी, परिवारों को सहायता और स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावशीलता की समीक्षा जरूरी है, ताकि आगे किसी बच्चे की स्थिति गंभीर होने से पहले उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
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