
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: राज्य में 30 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) को आधुनिक और उद्योगोन्मुखी कौशल विकास केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लायबिलिटी ट्रांसफार्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आइटीआइ (पीएम-सेतु) योजना के तहत छह क्लस्टरों में करीब 1,446 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रत्येक क्लस्टर के लिए लगभग 241 करोड़ रुपये का प्रविधान है। इसमें हब आइटीआइ के लिए 81 करोड़ और हर स्पोक आइटीआइ के लिए 40 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
साय ने कहा कि उद्योगों की सीधी भागीदारी से पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण जरूरतों के अनुरूप होंगे तथा युवाओं के रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ेंगे। रोजगार, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने इसे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। मंत्री राजेश अग्रवाल और विभागीय व औद्योगिक संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
दुर्ग क्लस्टर में शासकीय आइटीआइ दुर्ग हब होगा। भिलाई, महिला आइटीआइ भिलाई, राजनांदगांव और डौंडीलोहारा के संस्थान स्पोक होंगे। स्टील अथारिटी आफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की इकाई भिलाई स्टील प्लांट एंकर उद्योग भागी
बस्तर क्लस्टर में शासकीय आइटीआइ बस्तर हब तथा जगदलपुर, गीदम, कोंडागांव और नारायणपुर के आइटीआइ स्पोक होंगे। एनएमडीसी लिमिटेड यहां एंकर भागीदार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे जनजातीय और दूरस्थ अंचलों के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण तथा स्थानीय और अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों तक पहुंच मिलेगी।
सरगुजा क्लस्टर के लिए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने भागीदारी की सहमति दी है और टाटा आइआइएस परिचालन भागीदार चुना गया है। एमओयू की स्वीकृति के लिए मामला विभाग को भेजा गया है; प्रारूप में संशोधन के लिए इसे एसईसीएल को भेजा गया है।
कोरबा क्लस्टर में एनटीपीसी कोरबा की सहमति है और परिचालन भागीदार चुनने की प्रक्रिया जारी है। रायपुर और रायगढ़ में एंकर उद्योग भागीदार चुनने के लिए ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर निविदाएं जारी हैं। रायपुर क्लस्टर के लिए हीरा ग्रुप के सवालों का निराकरण हो चुका है। रायगढ़ के लिए एनटीपीासी लारा से प्रारंभिक चर्चा जारी है।