छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान का अलर्ट, 1 करोड़ एकड़ में खड़ी धान की फसल पर संकट, बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता
मौसम के बदलते मिजाज और चक्रवाती तूफान से छत्तीसगढ़ के किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों ने किसानों को धान की कटाई कुछ दिन टालने और जल निकासी के सुझाव दिए हैं।
Publish Date: Thu, 29 Oct 2026 11:48:24 AM (IST)Updated Date: Thu, 29 Oct 2026 11:48:24 AM (IST)
छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान का अलर्ट। (एआई जनरेटेड)HighLights
- चक्रवाती तूफान के खतरे से किसानों की मुश्किलें बढ़ीं।
- खेतों में जलभराव से पकी फसलों को नुकसान की आशंका।
- किसानों को कटाई 2 से 4 दिन टालने की सलाह।
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: छत्तीसगढ़ में मौसम के बदले मिजाज और चक्रवाती तूफान के खतरे ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य में इस वर्ष खरीफ सीजन के दौरान करीब 36 से 40 लाख हेक्टेयर (लगभग 90 लाख से 1 करोड़ एकड़) में धान की फसल लहलहा रही है।
हालांकि अधिकांश क्षेत्रों में अभी धान की कटाई पूरी तरह शुरू नहीं हुई है, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण खेतों में पानी भरने से पकी फसलों को भारी नुकसान की आशंका पैदा हो गई है।
जलभराव से फसल को नुकसान का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, जिन खेतों में उन्नत व हाइब्रिड किस्मों की फसलें हैं, जहा किसान प्रति एकड़ 21 से 30 क्विंटल तक बंपर उपज की उम्मीद कर रहे थे, वहा जलभराव से पौधों के गिरने और दाने काले पड़ने का खतरा बढ़ गया है।
कृषि विशेषज्ञों ने जारी की महत्वपूर्ण एडवाइजरी
- इसे देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत किसानों को सलाह दी गई है कि वे पक चुकी फसलों की कटाई अगले 2 से 4 दिन के लिए टाल दें। साथ ही, खेतों से अतिरिक्त पानी तुरंत बाहर निकालने, काटी गई फसल व चारे को ऊंचे एवं सुरक्षित स्थानों पर रखकर तिरपाल से ढकने के निर्देश दिए गए हैं।
- किसानों से यह भी कहा गया है कि सब्जियों की तुड़ाई कर तुरंत बाजार भेज दें, पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखें और किसी भी प्रकार के नुकसान की स्थिति में तुरंत बीमा कंपनी को इसकी सूचना दें।
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