CG में सरकारी भर्ती का नया फॉर्मूला, लिखित परीक्षा के बाद 15 गुना अभ्यर्थी होंगे शॉर्टलिस्ट; फिर स्किल-फिजिकल टेस्ट से फाइनल चयन
छत्तीसगढ़ में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी सरकारी भर्तियों के नए नियम लागू हुए। लिखित परीक्षा के बाद कौशल या शारीरिक परीक्षा के लिए 15 गुना अभ्यर्थी बुलाए ज...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 30 Sep 2026 08:12:56 AM (IST)Updated Date: Wed, 30 Sep 2026 08:12:56 AM (IST)
CG में सरकारी भर्ती का नया फॉर्मूला। (फाइल फोटो)HighLights
- तृतीय और चतुर्थ श्रेणी भर्ती में नई व्यवस्था लागू हुई।
- लिखित परीक्षा के बाद 15 गुना अभ्यर्थी बुलाए जाएंगे।
- कौशल या शारीरिक परीक्षा के बाद अंतिम चयन होगा।
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: प्रदेश में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की सरकारी नौकरी के लिए अब लिखित परीक्षा के बाद छंटनी शुरू होगी। जिन पदों पर कौशल या शारीरिक परीक्षा जरूरी है, वहां खाली पदों से 15 गुना अभ्यर्थियों को अगले चरण में बुलाया जाएगा। इसके बाद परीक्षा पास करने वालों में से ही अंतिम चयन होगा। राज्य सरकार ने भर्ती की पूरी प्रक्रिया के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं।
तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती कर्मचारी चयन मंडल के नए नियमों के अनुसार होगी। सामान्य प्रशासन विभाग के बाद अब नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने भी सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों को इसकी जानकारी भेज दी है। अब नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में होने वाली तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्ती नई व्यवस्था के अनुसार ही होगी।
11 सितंबर से प्रभावी हुए नए नियम
- नए नियम छह अगस्त 2026 को जारी पुराने नियमों की जगह लागू हुए हैं। ये नियम 11 सितंबर से प्रभावी हैं। इसके तहत भर्ती की प्रक्रिया में लिखित परीक्षा के बाद होने वाली कौशल और शारीरिक परीक्षा को लेकर भी व्यवस्था तय की गई है। नए नियम के तहत जिन पदों के लिए लिखित परीक्षा के बाद कौशल या शारीरिक परीक्षा होगी, उनमें लिखित परीक्षा के अंकों के आधार पर अगली सूची तैयार होगी।
- इसमें खाली पदों की संख्या से 15 गुना अभ्यर्थियों को रखा जाएगा। अभ्यर्थियों की श्रेणी, आरक्षण और उनके द्वारा चुनी गई पद की प्राथमिकता का भी ध्यान रखा जाएगा। इसके बाद कौशल या शारीरिक परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों की अंतिम सूची बनेगी। इसमें उतने ही अभ्यर्थी होंगे, जितने पदों पर भर्ती होनी है। अंतिम चयन में लिखित परीक्षा के अंक, पद की प्राथमिकता और आरक्षण को आधार बनाया जाएगा।